शब्बीर अहमद, भोपाल। दीपावली के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के ऐन मौके पर वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने घर खर्च चलाने, बच्चों की खुशियों और खरीदारी से जुड़ी जरूरतें पूरी करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। वेतन अटकने के पीछे कर्मचारियों का समय पर प्रशासनिक सत्यापन (Verification) और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न होना मुख्य वजह बताया जा रहा है।

बार-बार दिए गए निर्देश, फिर भी अटका सत्यापन

दरअसल राज्य सरकार और संबंधित विभागों द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को अपना सत्यापन कराने के निर्देश कई बार जारी किए जा चुके थे।अधिकारियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद कई कर्मचारियों ने अब तक वेरिफिकेशन की अनिवार्य प्रक्रिया पूरी नहीं की है। कर्मचारियों के इस सत्यापन डेटा के पोर्टल पर अपडेट न होने के कारण देयकों (Salaries/Bills) के भुगतान की प्रक्रिया अटक गई है, जिससे त्योहार के समय कर्मचारियों के खातों में राशि ट्रांसफर नहीं हो सकी।

सरकार का बड़ा फैसला

ROAMS पोर्टल के पुराने बिल नहीं रोके जाएंगे इसी बीच, राज्य सरकार ने आउटसोर्स देयकों और इनवॉइस प्रणाली को लेकर कर्मचारियों व एजेंसियों को एक बड़ी राहत भी दी है। नया रोम्स (ROAMS) नियम: सरकार ने आउटसोर्सिंग एजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम यानी ‘आरओएएमएस’ (ROAMS) पोर्टल पर बिल भुगतान को लेकर दिशा-निर्देश स्पष्ट किए हैं।

अक्टूबर 2026 तक के पुराने बिलों को राहत

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल ‘आरओएएमएस जनरेटेड इनवॉइस’ न होने के आधार पर अक्टूबर 2026 तक के पुराने पेंडिंग बिल नहीं रोके जाएंगे। इससे जिन विभागों में तकनीकी कारणों से इनवॉइस जनरेट नहीं हो पाए थे, वहां से भुगतान का रास्ता साफ हो सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पूरा करें, ताकि अटके हुए वेतन का तुरंत भुगतान किया जा सके।

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