शामली. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार (25 अक्टूबर) शाम शामली के कैराना में जनसभा को संबोधित किया. करीब डेढ़ घंटे के भाषण में उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. ओवैसी ने अखिलेश के रावण वाले बयान पर पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश के मन में दाढ़ी और टोपी रखने वाले मुसलमानों के प्रति नफरत है. उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों और मुस्लिम नेतृत्व के मुद्दे पर भी सपा को घेरा.
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‘अखिलेश की जुबान से नफरत जाहिर हो गई’
ओवैसी ने कहा कि अखिलेश यादव ने उन पर अप्रत्यक्ष रूप से तीर चलाया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह अपने मकसद में कामयाब हो गए, क्योंकि अखिलेश की जुबान से उनकी सोच जाहिर हो गई. ओवैसी ने आरोप लगाया कि अखिलेश की नजर में दाढ़ी और टोपी रखने वाला मुसलमान रावण नजर आता है. उन्होंने अखिलेश पर बीजेपी की भाषा बोलने का आरोप भी लगाया. दरअसल, 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश ने ओवैसी को लेकर सवाल पर रावण के भेष बदलने वाली टिप्पणी की थी.
मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर सपा पर हमला
ओवैसी ने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी. उन्होंने दावा किया कि सपा के पास बड़ी संख्या में मुस्लिम विधायक थे, फिर भी दंगों को नहीं रोका जा सका. ओवैसी ने राहत, सुरक्षा और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के मुद्दे पर भी सपा नेतृत्व से सवाल किए. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम मतदाताओं ने सपा को मजबूत किया, लेकिन उन्हें उनके अधिकार नहीं मिले.
तेजस्वी और मुस्लिम नेतृत्व पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने बिहार के नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सीमांचल की जनता ने उनकी पार्टी को समर्थन दिया और AIMIM के पांच विधायक जीते. ओवैसी ने कहा कि सिर्फ सरकार बनाना काफी नहीं है. ऐसे नेता चुनना जरूरी है, जो लोगों को उनके अधिकार दिला सकें. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल मुस्लिम वोट तो चाहते हैं, लेकिन स्वतंत्र मुस्लिम नेतृत्व को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते.
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योगी-मोदी पर भी ओवैसी के तीखे बयान
ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिया-सुन्नी विवाद संबंधी टिप्पणी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह धार्मिक समुदायों के बीच झगड़े का नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों के हितों का मामला है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की.

