रुद्रपुर की गल्ला मंडी में सरकारी धान खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने धरने के बाद हाईवे की एक साइड जाम कर दी. किसानों ने प्रशासन से क्रय केंद्रों पर तत्काल खरीद शुरू कराने और समस्याओं का समाधान करने की मांग की.

ऊधम सिंह नगर. जिला मुख्यालय रुद्रपुर में मंगलवार को सरकारी धान खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने हाईवे जाम कर दिया. गल्ला मंडी में धरने के बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने हाईवे की एक साइड पर बैठकर वाहनों की आवाजाही रोक दी. किसानों की मांग है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर तत्काल धान खरीद शुरू की जाए.

किसानों का कहना है कि धान की कटाई शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं और जिले में बड़ी मात्रा में फसल बाजार में पहुंच चुकी है. इसके बावजूद सरकारी खरीद व्यवस्था पूरी तरह शुरू नहीं होने से उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

मंडी में दिया धरना

सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान रुद्रपुर गल्ला मंडी में एकत्र हुए थे. किसानों ने धरना देकर प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर पहुंचने, उनकी समस्याएं सुनने और ज्ञापन लेने की मांग की.

काफी देर तक अधिकारी के नहीं पहुंचने से किसानों का गुस्सा बढ़ गया. इसके बाद उन्होंने मंडी से बाहर निकलकर हाईवे की एक साइड पर जाम लगा दिया.

वाहनों की लगी कतार

किसानों के सड़क पर बैठने के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. जाम में स्कूली बसों के साथ ट्रक और अन्य वाहन भी फंस गए.

स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान सरकारी धान खरीद तत्काल शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे.

खरीद व्यवस्था पर सवाल

किसानों के मुताबिक जिले में धान की कटाई तेजी से जारी है और करीब 50 प्रतिशत धान बाजार में पहुंच चुका है. उनका आरोप है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद अब तक पूरी तरह शुरू नहीं हुई है.

किसानों ने बताया कि कुछ जगह पोर्टल की समस्या और कहीं श्रमिकों की कमी का हवाला दिया जा रहा है. उनका कहना है कि खरीद व्यवस्था सुचारू नहीं होने से तैयार फसल बेचने में परेशानी हो रही है.

कम दाम पर बिक्री का आरोप

किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें निजी व्यापारियों को करीब 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचना पड़ रहा है. किसानों के मुताबिक समर्थन मूल्य की तुलना में कम कीमत मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

किसानों ने यह भी कहा कि पिछले कई दिनों से वे शांतिपूर्वक धरना देकर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी या किसी अन्य प्रशासनिक अधिकारी से मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लेने की मांग कर रहे थे. उनके अनुसार कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने हाईवे जाम करने का फैसला किया.

दूसरी लेन जाम करने की चेतावनी

किसान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि 15 से 20 मिनट के भीतर कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर बातचीत नहीं करता और धान खरीद शुरू कराने के संबंध में ठोस आश्वासन नहीं देता तो हाईवे की दूसरी साइड भी जाम कर दी जाएगी. इसके बाद मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया.

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी, तराई संघ के किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह विर्क और किसान नेता ठाकुर जगदीश सिंह ने कहा कि किसानों की मांग लंबे समय से है. उनका कहना है कि किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए और सरकारी खरीद व्यवस्था तत्काल सुचारू की जानी चाहिए.

किसानों ने सरकार और प्रशासन से पोर्टल की समस्या दूर करने, पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध कराने और सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर तत्काल धान खरीद शुरू कराने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.