गुमला। जिले के जारी प्रखंड में सड़क सुविधा के अभाव की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। जरदा पंचायत के मंगरु तल्ला और आसन पाठ गांव में सड़क नहीं होने के कारण 65 वर्षीय मक्सीमा तिर्की के शव को परिजनों ने करीब दो किलोमीटर तक कंधे पर ढोकर ले जाया। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीमार महिला को कंधे पर उठाकर ले गए थे अस्पताल

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब चार बजे मक्सीमा तिर्की की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण परिजन उन्हें कंधे पर उठाकर दुर्गम रास्तों और घाटी को पार करते हुए बंदोटोली गांव तक ले गए।

बंदोटोली पहुंचने के बाद किसी तरह वाहन की व्यवस्था की गई और उन्हें गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद फिर सामने आई सड़क की समस्या

मक्सीमा तिर्की की मौत के बाद परिजनों के सामने शव को गांव तक पहुंचाने की चुनौती खड़ी हो गई। सड़क नहीं होने के कारण शव को वाहन से गांव तक ले जाना संभव नहीं था। ऐसे में परिजनों को करीब दो किलोमीटर तक शव कंधे पर लेकर दुर्गम रास्ते से गुजरना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में यहां लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर बीमार और बुजुर्ग लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। मक्सीमा तिर्की के शव को कंधे पर ले जाने की घटना ने एक बार फिर गांवों तक सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की जरूरत को उजागर कर दिया है।