Palamu News: झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) परिसर में नवजात का शव मुंह में दबाकर घूमते कुत्ते का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान मामला पास के उत्तम हॉस्पिटल से जुड़ा मिला, जिसके बाद प्रशासनिक टीम ने उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड को सील कर दिया। नवजात की मौत की परिस्थितियों और शव को अस्पताल परिसर में फेंके जाने के मामले की जांच की जा रही है।

कुत्ते के मुंह में नवजात का शव देख मचा हड़कंप

घटना मंगलवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। एमएमसीएच परिसर में एक आवारा कुत्ता नवजात का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया। यह घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर अस्पताल पुलिस चौकी के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।

उत्तम हॉस्पिटल में प्रसव के बाद शव फेंकने का आरोप

प्रशासनिक जांच में सामने आया कि एमएमसीएच के पास स्थित उत्तम हॉस्पिटल में प्रसव हुआ था। जांच के दौरान अस्पताल से दो महिलाओं के नवजात के शव लेकर निकलने और उन्हें पोस्टमार्टम हाउस की ओर फेंके जाने की बात सामने आई। हालांकि, नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को अस्पताल परिसर में क्यों फेंका गया, इसकी विस्तृत जांच जारी है।

उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सील

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड को सील कर दिया है। इलाज से संबंधित साक्ष्य मिटाने के कथित प्रयास की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि प्रसव के दौरान क्या हुआ, नवजात की मौत कैसे हुई और शव के निस्तारण में किन लोगों की भूमिका रही।

सदर एसडीओ के नेतृत्व में हुई जांच

पूरे मामले की जांच सदर एसडीओ संजय पांडेय के नेतृत्व में की गई। प्रशिक्षु आईएएस सह सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता भी जांच टीम में शामिल रहे। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने मामले की पड़ताल तेज की।

पोस्टमार्टम हाउस और झाड़ियों में की गई तलाशी

जांच के दौरान प्रशासनिक टीम ने एमएमसीएच परिसर, पोस्टमार्टम हाउस के आसपास और झाड़ियों में तलाशी ली। अधिकारियों ने नवजात की मौत, प्रसव से जुड़े तथ्यों, शव को परिसर में फेंके जाने और इलाज के साक्ष्य मिटाने के कथित प्रयास से जुड़े पहलुओं की जांच की।

निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना ने निजी अस्पतालों में प्रसव के बाद नवजात के शव के निस्तारण की प्रक्रिया और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।