विश्रामपुर (पलामू)। पलामू की लोक संस्कृति और परंपराओं को अपनी आवाज के जरिए नई पहचान देने वाले प्रसिद्ध लोक गायक शिव कुमार चौधरी का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान करीब रात 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही पलामू प्रमंडल में शोक की लहर दौड़ गई।

अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराया गया भर्ती

पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार शाम अचानक शिव कुमार चौधरी की तबीयत खराब हो गई थी। परिजन उन्हें तत्काल नौगढ़ा स्थित फोर्टिस अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर रेफर कर दिया।

मेदिनीनगर में इलाज के दौरान रात करीब 11 बजे उनका निधन हो गया।

लोकगीतों से पलामू को दिलाई पहचान

शिव कुमार चौधरी विश्रामपुर प्रखंड के लालगढ़-पंजरी कला के रहने वाले थे। लोकगीतों के जरिए उन्होंने पलामू की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन को अपनी खास शैली में प्रस्तुत किया। उनके गीतों में क्षेत्र की मिट्टी, लोक जीवन और स्थानीय परंपराओं की झलक देखने को मिलती थी।

अपने लोकगीतों के माध्यम से उन्होंने पलामू की लोक संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाई। उनके निधन को लोक संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों और कलाकारों ने जताया शोक

शिव कुमार चौधरी के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कलाकारों ने शोक व्यक्त किया है। शोक जताने वालों में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, विधायक नरेश प्रसाद सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष गीता देवी, जिला पार्षद विजय रविदास, मुखिया धर्मेंद्र चौधरी, सांसद प्रतिनिधि अनुज पांडेय, भाजपा नेता किशोर पांडेय, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष रविंद्र शुक्ला गुड्डू और भोजपुरी गायक विजय बावली समेत कई लोग शामिल हैं।

सभी ने उनके निधन को पलामू की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।