अमित पाण्डेय, डोंगरगढ़। मां बम्लेश्वरी मंदिर में पंचमी भेंट पूजा की परंपरा को लेकर उठे विवाद पर अब सहमति बन गई है। गोंड समाज, मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट और खैरागढ़ राजपरिवार के राजकुमार भवानी बहादुर सिंह के बीच जिला प्रशासन की मौजूदगी में हुई बैठक में सभी पक्षों ने आपसी सहमति से निर्णय लिया है कि मंदिर में रियासतकाल से चली आ रही व्यवस्था जारी रहेगी और गोंड समाज की पारंपरिक पंचमी भेंट में भी सभी पक्ष सहयोग करेंगे। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक बयानबाजी जारी रहने का मामला सामने आया है। इसे लेकर अब मंदिर ट्रस्ट, गोंड समाज और राजकुमार भवानी बहादुर ने संयुक्त रूप से लिखित आवेदन कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

आखिर क्या था पूरा विवाद?

मां बम्लेश्वरी मंदिर में पंचमी भेंट की परंपरा को लेकर पहले भी मतभेद सामने आए थे। गोंड समाज अपनी पारंपरिक पूजा पद्धति और आंगा देव के साथ पंचमी भेंट की परंपरा को पूर्वजों से चली आ रही धार्मिक परंपरा बताता रहा है। वहीं, मंदिर की पूजा व्यवस्था और गर्भगृह में प्रवेश के नियमों को लेकर भी सवाल उठे थे। इस दौरान राजकुमार भवानी बहादुर सिंह की भूमिका और मंदिर प्रबंधन में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधित्व को लेकर भी बयान सामने आए। धीरे-धीरे मामला धार्मिक परंपरा से आगे बढ़कर मंदिर की व्यवस्था और अधिकारों की चर्चा तक पहुंच गया।

विवाद को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन की मौजूदगी में गोंड समाज, मंदिर ट्रस्ट और राजपरिवार के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक में सभी पक्षों ने चर्चा के बाद सहमति जताई कि मां बम्लेश्वरी मंदिर में रियासतकाल से चली आ रही व्यवस्था को जारी रखा जाएगा। साथ ही गोंड समाज की पंचमी भेंट परंपरा के निर्वहन में भी सभी पक्ष सहयोग करेंगे। इस सहमति के बाद तीनों पक्षों के बीच वर्तमान में किसी तरह का विवाद नहीं होने की बात कही गई है।

जब सहमति बन गई, तो सोशल मीडिया पर क्यों जारी है बयानबाजी?

इस पूरे घटनाक्रम में अब सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट और बयानों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। संयुक्त आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बैठक में सहमति बनने के बावजूद कुछ लोग फेसबुक, व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक बातें प्रसारित कर रहे हैं। इससे लोगों के बीच भ्रम पैदा होने और आपसी सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। आवेदन में संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और ग्रुप की जांच कर कानून का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।

SDM और SDOP को सौंपा आवेदन, शांति बनाए रखने की मांग

14 अक्टूबर 2026 को दिए गए आवेदन में गोंड समाज, मंदिर ट्रस्ट और राजपरिवार के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से सोशल मीडिया पर कथित अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी रखने का अनुरोध किया है। आवेदन में स्पष्ट तौर पर आपसी सौहार्द बिगाड़ने वाली कथित गतिविधियों की जांच की मांग की गई है।

अब विवाद नहीं, सहयोग से परंपरा निभाने पर सहमति

इस पूरे मामले का अहम पहलू यह है कि जिन पक्षों के बीच मतभेद की चर्चा हो रही थी, वे अब जिला प्रशासन की मौजूदगी में बातचीत कर सहमति पर पहुंच चुके हैं। तय सहमति के अनुसार मंदिर की रियासतकालीन व्यवस्था जारी रहेगी और गोंड समाज की पंचमी भेंट परंपरा में भी सहयोग किया जाएगा। ऐसे में अब जरूरी है कि बैठक में बने सहमति के रास्ते को आगे बढ़ाया जाए और सोशल मीडिया पर किसी भी दावे को बिना पुष्टि के प्रसारित करने से बचा जाए।

फिलहाल, संयुक्त आवेदन के जरिए प्रशासन से शिकायत की जांच और शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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