Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य के तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी जमीनी तैयारी शुरू कर दी है। इस क्रम में, सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की विफलताओं को मुख्य हथियार बनाते हुए बीजू जनता दल ने 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से राज्यव्यापी जनसंपर्क पदयात्रा का आगाज किया है। बीजेडी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य की सभी 147 विधानसभा सीटों और जिलों में पदयात्रा की कमान पार्टी नेताओं को सौंपी है। हालांकि, वे खुद राजधानी भुवनेश्वर में रहकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।
लंबे समय के बाद मैदान में उतरे नवीन पटनायक राजधानी भुवनेश्वर में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। गत 2 अक्टूबर को एकाम्र भुवनेश्वर विधानसभा क्षेत्र और हाल ही में भुवनेश्वर उत्तर सीट पर आयोजित पदयात्रा में शामिल होकर नवीन ने मोहन माझी सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘डबल इंजन सरकार’ ओडिशा की साख और छवि को नुकसान पहुंचा रही है।
भले ही नवीन राजधानी की सड़कों पर पदयात्रा कर रहे हों, लेकिन अपनी पारंपरिक सीट हिंजिली का दौरा न करने को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पिछले दो वर्षों से वहां उनका दौरा न होने के कारण स्थानीय कार्यकर्ताओं में निराशा और इंतजार का माहौल देखा जा रहा है।
जिलों का दौरा करने के बजाय नवीन पटनायक अपने आवास ‘नवीन निवास’ से ही पार्टी की तमाम गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। वे मीडिया टीम, वरिष्ठ नेताओं और जिला स्तरीय संयोजकों को नवीन निवास बुलाकर लगातार समीक्षा बैठकें और मंथन कर रहे हैं।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से आह्वान किया है कि वे खनन कानून संशोधन, पाठ्यपुस्तकों में गड़बड़ी और निर्वाचन संबंधी त्रुटियों (SIR) जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व का सीधे मैदान में न उतरना आगामी पंचायत चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है। वहीं, बीजेडी के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि फिलहाल संगठन को मजबूत करने और पृष्ठभूमि तैयार करने का काम चल रहा है। सही समय आने पर नवीन पटनायक स्वयं पूरे राज्य का दौरा करेंगे।
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H

