पानीपत। हरियाणा के पानीपत जिले के बाबरपुर गांव में एक स्थानीय युवक के साथ हुए विवाद के बाद ग्रामीणों ने प्रवासी मजदूरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। गांव में अब बिना आधार कार्ड या वैध पहचान दस्तावेज वाले प्रवासी मजदूरों को कमरा किराए पर नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों ने ऐसे लोगों से गांव छोड़ने को भी कहा है।
दरअसल, गांव की एक फैक्ट्री में काम करने वाले कुछ प्रवासी मजदूरों का स्थानीय युवक के साथ विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान मजदूरों ने युवक के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। मामला पुलिस थाने तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों में रोष फैल गया।

बताया जा रहा है कि घटना वाली रात बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और बैठक की। बैठक में गांव में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की पहचान सुनिश्चित करने को लेकर सख्त नियम बनाने का फैसला लिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में रहने वाले प्रत्येक प्रवासी मजदूर के पास आधार कार्ड समेत पहचान से जुड़ा दस्तावेज होना जरूरी होगा।

ग्रामीणों के मुताबिक, जिन प्रवासी मजदूरों के पास आधार कार्ड या पहचान का कोई वैध दस्तावेज नहीं होगा, उन्हें गांव में कमरा किराए पर नहीं दिया जाएगा। ऐसे लोगों को गांव से बाहर जाने के लिए भी कहा जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि गांव में रहने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित करने और भविष्य में इस तरह के विवादों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। वहीं, मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों के इस फैसले को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है.