प्रवीण भारद्वाज, पानीपत। गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में प्रति क्विंटल 25 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने पर किसानों में रोष है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान दिलबाग बिंझौल समेत कई किसान नेताओं ने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसल के दाम में मामूली बढ़ोतरी की गई है। किसानों ने गेहूं के भाव में कम से कम 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की मांग की है।

किसान नेताओं का कहना है कि गेहूं का भाव पहले 2,575 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसमें महज 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उनके मुताबिक खाद, दवाइयों, बीज, डीजल और अन्य कृषि लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में इतनी कम बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिलने की बजाय उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ेगी।

C2+50 के हिसाब से ₹600 बढ़ोतरी की मांग

किसानों ने कहा कि C2+50 के फार्मूले के हिसाब से गेहूं के भाव में करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होनी चाहिए थी। हालांकि, किसानों का कहना है कि यदि सरकार इतनी बढ़ोतरी नहीं करना चाहती थी तो कम से कम 200 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि तो की जानी चाहिए थी। उन्होंने 25 रुपये की बढ़ोतरी को किसानों के साथ मजाक बताया।

किसानों के अनुसार गेहूं उत्पादन पर करीब 1,692 रुपये प्रति क्विंटल तक खर्च आता है। उनका आरोप है कि किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही गई थी, लेकिन मौजूदा नीतियों से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

गन्ने का 34 करोड़ रुपये भुगतान अटका होने का दावा

किसान नेताओं ने उत्तराखंड की इकबालपुर मिल में भेजे गए गन्ने के भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा है कि करीब 350 किसानों का लगभग 34 करोड़ रुपये बकाया है। किसानों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे संबंधित अधिकारियों के सामने गन्ना उतारकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने अगर उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के आवास का घेराव करने की भी चेतावनी दी। कुछ किसानों ने आर्थिक संकट के कारण आत्महत्या जैसे कदम उठाने की मजबूरी की बात भी कही।

इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान दिलबाग बिंझौल, तेजपाल, गाजे सिंह, धर्मबीर, रणवीर गुलिया और जयकिशन समेत अन्य किसान मौजूद रहे।