Panipat Farmers Protest : पानीपत। खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों और टावरों के उचित मुआवजे की मांग को लेकर हरियाणा के किसानों ने पानीपत लघु सचिवालय में डेरा डाल दिया है। किसानों ने ऐलान किया है कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने तक वे दो दिन और दो रात लघु सचिवालय में ही रुकेंगे। इस दौरान किसान परिसर में चूल्हा जलाकर सामूहिक रूप से खाना बनाएंगे। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट है।

जमीन के नुकसान के हिसाब से मुआवजे की मांग

किसानों का कहना है कि खेतों में बिजली के टावर लगने और ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने के कारण खेती प्रभावित होती है। टावरों के चलते जमीन का एक हिस्सा इस्तेमाल के लिए मुश्किल हो जाता है। वहीं, तारों के नीचे खेती, सिंचाई और ट्रैक्टर समेत कृषि मशीनों के संचालन में भी परेशानी आती है।

किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने आरोप लगाया कि मुआवजा तय करते समय जमीन के वास्तविक नुकसान और बाजार मूल्य को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता। किसानों की मांग है कि फसल नुकसान, जमीन की उपयोगिता में कमी और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को ध्यान में रखकर मुआवजा दिया जाए।

पूरे प्रदेश में एक समान नीति लागू करने की मांग

किसानों का दावा है कि केंद्र सरकार की मुआवजा नीति के बावजूद हरियाणा में इसे लागू नहीं किया जा रहा है। अलग-अलग जिलों में मुआवजे की दरों और नियमों में अंतर होने से भी असंतोष बढ़ रहा है। किसान पूरे प्रदेश में एक समान और व्यावहारिक नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं।

ऊर्जा मंत्री से मुलाकात करेंगे किसान

किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ के मुताबिक, किसान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर अपनी मांगें रखेंगे। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेगी। हालांकि, समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।

रात्रि ठहराव के दौरान किसान सामूहिक भोजन बनाने के साथ बैठकें कर आगे की रणनीति तय करेंगे। किसान नेताओं ने दूसरे जिलों के किसानों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

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