पानीपत में मारपीट के एक पुराने मामले ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया, जब करीब दो महीने से उपचाराधीन युवक शेखर की मौत हो गई। युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को सचिवालय के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।

जानकारी के अनुसार, करीब दो महीने पहले गांव में पार्किंग को लेकर हुए विवाद के दौरान शेखर के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। आरोप है कि हमले में शेखर गंभीर रूप से घायल हो गया था। तभी से उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

शेखर की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मारपीट की घटना में पांच लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस ने अब तक केवल दो आरोपियों के खिलाफ ही कार्रवाई की है। परिजनों का कहना था कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएसपी राजबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दो अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डीएसपी ने यह भी कहा कि परिवार द्वारा लगाए गए कुछ आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और पुलिस ने किसी भी वाहन को रास्ते में नहीं रोका।

इस बीच सचिवालय के बाहर कई घंटों तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था। बाद में एसपी पानीपत भूपेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गए।

परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।