मानसा. पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले से जुड़ी अहम खबर सामने आई है परिवार पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए राजी हो गया है. 6 नवंबर को चंडीगढ़ PGI में झोटा का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा. हालांकि, उनका अंतिम संस्कार किस दिन होगा, इसे लेकर अभी कोई फैसला सामने नहीं आया है.

वहीं मानसा में झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी के सदस्यों की विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां तथा कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के साथ बैठक हुई. इस दौरान परिवार और एक्शन कमेटी की ओर से रखी गई मांगों पर चर्चा की गई. बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई है, जिसमे परमिंदर सिंह झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी दिए जाने का आश्वासन दिया गया है.

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग को छोड़कर बाकी मांगों पर सहमति बन गई. इसके बाद परिवार पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार हो गया. बैठक में सरकार की ओर से झोटा के परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने पर सहमति बनी है. इसके अलावा उनकी पत्नी को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाएगी. इस फैसले को परिवार के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है.

इन मांगो पर बनी सहमति

बैठक के दौरान कई विषयों पर बात हुई. परिवार की अन्य मांगों पर भी सरकार ने सहमति जताई है. झोटा के पिता और एंटी-ड्रग टास्क टीम के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द किया जाएगा. इसके साथ ही मानसा में परविंदर सिंह झोटा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, ताकि उनकी याद को कायम रखा जा सके. सरकार गांव ख्याला में परविंदर सिंह झोटा के नाम पर ट्रॉमा सेंटर भी बनवाएगी.

बैठक में इन सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद अब 6 नवंबर को चंडीगढ़ PGI में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. हालांकि, पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार की तारीख को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.