विकास कुमार/पतरघट/ सहरसा। बिहार के सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां इलाज के दौरान कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाने पर अस्पताल के डॉक्टर और सुरक्षा कर्मियों द्वारा मरीज के परिजनों के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार अपने मरीज को इलाज के लिए पतरघट सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सा व्यवस्था बेहद लचर थी और मरीज को सही समय पर उचित उपचार नहीं मिल रहा था। जब परिजनों ने इस लापरवाही को लेकर अस्पताल कर्मियों से सवाल-जवाब किए, तो मामला अचानक तूल पकड़ गया।
आरोप है कि देखते ही देखते अस्पताल के डॉक्टर और वहां तैनात सुरक्षा गार्डों ने मरीज के साथ आए सहयोगियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि बीच-बचाव के लिए आगे आईं महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार और दुर्व्यवहार किया गया। अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और चीख-पुकार का मंजर बना रहा, जिससे अन्य मरीज और उनके परिजन भी भयभीत हो गए।
वायरल वीडियो और आक्रोश
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में अस्पताल परिसर में हो रही हाथापाई और हंगामे को साफ देखा जा सकता है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस वीडियो की अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है लेकिन वायरल होते ही इस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। आम जनता का कहना है कि स्वास्थ्य मंदिर माने जाने वाले अस्पताल में इस तरह की हिंसा बर्दाश्त के बाहर है।
कार्रवाई की मांग और चुप्पी
पीड़ित परिजनों ने इस मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस प्रकार की प्रताड़ना न झेलनी पड़े।
दूसरी ओर, इस गंभीर मामले पर अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से मौन साधे हुए है। संबंधित अधिकारियों की तरफ से अब तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय लोग इस घटना को स्वास्थ्य विभाग की बड़ी विफलता मान रहे हैं और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर गलती किसकी थी।

