पटना। राजधानी पटना में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बैनर तले छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए हैं। ‘लोकतंत्र बचाओ अराजकता रोको’ के नारों के साथ यह विशाल मार्च गांधी मैदान से आरंभ हुआ। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा करना है। मार्च के दौरान जैसे ही छात्र जेपी गोलंबर के निकट पहुंचे, उन्होंने प्रशासनिक बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और आगे बढ़ते हुए सीधे डाकबंगला चौराहे की ओर कूच कर गए।

​वाटर कैनन का इस्तेमाल

​छात्रों के उग्र तेवर को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मार्ग के दोनों छोर पर मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी। इसके साथ ही किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल के साथ वाटर कैनन और वज्र वाहन (राइट कंट्रोल वैन) को पूरी तरह तैनात किया गया था। प्रशासनिक पाबंदियों के बावजूद कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने में सफल रहे, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

​DU छात्र संघ अध्यक्ष यश डबास का तीखा हमला

​इस प्रदर्शन में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के अध्यक्ष यश डबास विशेष रूप से शामिल हुए। खराब मौसम और तेज बारिश के बीच भी उन्होंने जोश कम नहीं होने दिया और बैरिकेडिंग पर चढ़कर एक आक्रामक भाषण दिया। यश डबास ने विरोधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देश में कुछ मुट्ठी भर लोग अराजकता फैलाने में लगे हैं, जो आज संविधान हाथ में लेकर घूम रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग उन परिवारों से आते हैं जिनकी पिछली पीढ़ी ने आपातकाल (इमरजेंसी) लगाकर संविधान की मूल आत्मा की हत्या करने का काम किया था।

​ABVP के इस आक्रामक प्रदर्शन ने बिहार की राजधानी की राजनीतिक सरगर्मी को अचानक तेज कर दिया है। छात्रों के इस शक्ति प्रदर्शन और तीखे बयानों से राज्य में सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है। प्रशासन की सख्ती और छात्रों के अडिग रुख के बीच यह आंदोलन युवाओं के बीच एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिख रहा है, जो आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।