पटना के बख्तियारपुर इलाके में पुरानी बाईपास स्थित अब्बु महमदपुर मोहल्ले में शनिवार देर शाम एक मोटर पार्ट्स की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में एक ही परिवार की दो महिलाओं और एक छह महीने की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला ने अपनी जान बचाने के लिए छत से छलांग लगा दी, जिससे उसका पैर टूट गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुकानदार पंकज कुमार के घर में शनिवार को ‘शिव चर्चा’ का विशेष धार्मिक आयोजन किया गया था। पूजा-पाठ संपन्न होने के बाद परिजनों ने पूजा की थाली मुख्य गेट के पास रख दी थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी थाली या दिए से गेट के पास लटके पर्दे में आग लग गई। आग ने चंद मिनटों में विकराल रूप ले लिया और वह दरवाजे से होती हुई नीचे स्थित मोटर पार्ट्स की दुकान तक जा पहुंची।
दुकान में रखे मोबिल और डीजल ने पकड़ी तेज रफ्तार
दुकानदार पंकज कुमार की मोटर पार्ट्स की दुकान थी, जिसमें भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ जैसे मोबिल और डीजल स्टोर करके रखे गए थे। जैसे ही आग दुकान तक पहुंची, वहां रखे मोबिल और डीजल ने आग को और अधिक भड़का दिया। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटों और काले धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
मकान के भीतर आने-जाने और बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता दुकान के भीतर से ही होकर गुजरता था। आग और धुएं के कारण यह इकलौता रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिससे घर के अंदर मौजूद लोग अंदर ही फंस गए और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा।

जान बचाने की जद्दोजहद और अपनों को खोने का दर्द
घटना के समय घर के अंदर पंकज कुमार की 65 वर्षीय मां गीता देवी, उनकी पत्नी रीमा देवी, बहन मोनी कुमारी और मोनी की छह महीने की मासूम बेटी (अशोक सुंदरी) मौजूद थीं। जब आग की लपटें बाहर निकलने लगीं और कमरों में जहरीला धुआं भरने लगा, तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई। सभी ने किसी तरह छत की तरफ भागकर अपनी जान बचाने की कोशिश की।
इस दौरान पंकज की मां और मासूम बच्ची अंदर ही फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रीमा देवी ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग और धुएं के बीच दोबारा अंदर प्रवेश किया। लेकिन, आग की भयंकर तपीश और जहरीले धुएं के गुबार के कारण वे तीनों बाहर नहीं निकल सकीं और दम घुटने व झुलसने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, परिवार की एक अन्य महिला ने जान बचाने के लिए छत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे उनका पैर गंभीर रूप से फ्रैक्चर हो गया।

