पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बेल्ट्रॉन के अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। अंग्रेजी टाइपिंग में क्वालिफाई उम्मीदवारों ने अपनी अनदेखी से नाराज होकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभ्यर्थियों ने विभाग और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सरकार को 29 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने एक कचौड़ी, दो समोसा, नीतीश मिश्रा का क्या भरोसा जैसे तीखे नारे लगाए और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर वे स्कोर कार्ड पर भुट्टा भूनकर मंत्री को सौंप देंगे।

​अंग्रेजी टाइपिंग के सफल उम्मीदवारों ने लगाए पक्षपात के आरोप

​अभ्यर्थियों के अनुसार, वर्ष 2024 में बहाली के लिए आवेदन मांगे गए थे और 2025 में परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ। इसके बाद जब पहली प्रोविजनल सूची जारी की गई, तो उसमें सिर्फ हिंदी टाइपिंग में सफल अभ्यर्थियों के नाम शामिल किए गए। अंग्रेजी टाइपिंग परीक्षा पास करने वाले युवाओं को इस सूची से पूरी तरह बाहर रखा गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह निर्णय चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और समान अवसर के अधिकारों का खुला उल्लंघन है।

​आश्वासन के बाद भी दूसरी सूची में नहीं मिला स्थान

​अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने लगभग एक महीने पहले भी गर्दनीबाग में प्रदर्शन किया था। उनका दावा है कि उस समय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री की ओर से संवाद का बुलावा आया था और दूसरी सूची जारी करने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, जब दूसरी प्रोविजनल सूची सामने आई, तब भी अंग्रेजी टाइपिंग के उम्मीदवारों को इसमें जगह नहीं दी गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल अपनी योग्यता के आधार पर पारदर्शिता और न्याय चाहते हैं।

​29 अक्टूबर की डेडलाइन: सीएम और मंत्री आवास घेराव की चेतावनी

​प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी साक्षी ने स्पष्ट किया कि यदि 29 अक्टूबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे और मुख्यमंत्री तथा मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा कि क्वालिफाई होने के बावजूद रिजल्ट का स्कोर कार्ड अब किसी काम का नहीं बचा है और उन्हें परिजनों के तानों का सामना करना पड़ रहा है।

​डीईओ और प्रोग्रामर अभ्यर्थियों का भी फूटा गुस्सा

​गर्दनीबाग में बेल्ट्रॉन के डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) और 522 प्रोग्रामर कर्मी भी अपनी जॉइनिंग की मांग को लेकर डटे हुए हैं। डीईओ अभ्यर्थी अभिषेक कुमार के मुताबिक, 2024 की परीक्षा के बाद 5000 उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट बनी थी, जिनमें से 2645 लोगों को जॉइनिंग दे दी गई, जबकि 2355 अभ्यर्थी बीते 8 महीनों से भटक रहे हैं। वहीं, प्रोग्रामर अभ्यर्थी शिवानी ने बताया कि अगस्त 2025 में परीक्षा और जनवरी में परिणाम आने के बाद भी नियुक्ति अटकी है। मंत्री नीतीश मिश्रा पहले 2 अक्टूबर तक जॉइनिंग का भरोसा दे रहे थे, लेकिन अब सारा मामला विकास आयुक्त पर डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। सभी अभ्यर्थियों की मांग है कि मुख्यमंत्री और मंत्री खुद उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपें।