कुंदन कुमार, पटना। सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। एक अज्ञात ईमेल के जरिए यह धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हरकत में आ गईं। एहतियात के तौर पर पूरे कोर्ट परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया और मुख्य द्वार को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सुरक्षा बलों और बम डिस्पोजल स्क्वाड द्वारा इस समय परिसर के चप्पे-चप्पे पर गहन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
ईमेल से फैली सनसनी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटना सिविल कोर्ट को एक धमकी भरा संदेश ईमेल के जरिए प्राप्त हुआ। संदेश मिलते ही न्याय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सुरक्षा बलों ने तुरंत मुख्य द्वार को बंद कर दिया और अंदर मौजूद सभी जजों, वकीलों, कर्मचारियों तथा वादकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस और सुरक्षा बल डॉग स्क्वाड के साथ मिलकर हर कोने की बारीकी से तलाशी ले रहे हैं।
एसडीपीओ-1 ने की पुष्टि
मामले की पुष्टि करते हुए एसडीपीओ-1 राजेश रंजन ने बताया कि ईमेल के जरिए धमकी मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस और सुरक्षा बल संयुक्त रूप से पूरे परिसर की सघन तलाशी ले रहे हैं। हालांकि, अभी तक की जांच में किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर एहतियाती कदम पूरी सख्ती से उठाए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद वकीलों और कोर्ट कर्मियों में गहरी चिंता और भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता दिनकर दुबे ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कोर्ट को इस तरह बार-बार धमकियां मिलना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि इस तरह की सुरक्षा में सेंध लगाने वाली वारदातों पर स्थायी रोक लगाने के लिए सख्त कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं? इस प्रकार की धमकियों से न केवल न्यायिक कामकाज बुरी तरह बाधित होता है, बल्कि अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा होता है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी बार-बार की धमकियां
गौरतलब है कि पटना सिविल कोर्ट को निशाना बनाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले इसी वर्ष मार्च के महीने में भी सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। बार-बार मिल रही ऐसी धमकियों के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और चाक-चौबंद बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। फिलहाल, साइबर सेल की मदद से उस ईमेल एड्रेस की तकनीकी जांच की जा रही है जिसके जरिए यह धमकी भेजी गई थी, ताकि इस घिनौनी हरकत के पीछे छुपे असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द बेनकाब किया जा सके।



