कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजधानी पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कथित एकतरफा निर्णयों और मतदाता सूची से जुड़े गंभीर सवालों के विरोध में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई, और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

​मार्च और पुलिस से टकराव

​कांग्रेस का यह विरोध मार्च आर ब्लॉक और चाणक्य होटल के रास्ते राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर की ओर बढ़ रहा था। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करते हुए पुलिस ने उन्हें विधानसभा के पास ही रोक दिया। प्रशासन के रोके जाने से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया और CEC का पुतला लेकर बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। कार्यकर्ताओं के हाथों में ‘वोट चोर चुनाव आयोग छोड़’ लिखे बैनर भी नजर आए।

​राजेश राम और पप्पू यादव के तीखे तेवर

​प्रदर्शन के दौरान बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की पोल खोल रहे थे और आज यह साबित हो गया है कि हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार में वोट चोरी के जरिए सरकारें बनाई गई हैं।
​इस प्रदर्शन में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में आज पूरा देश सड़कों पर उतरा है। उन्होंने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर आरोप लगाए और कहा कि संविधान और जनतंत्र की हत्या करने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए तथा उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

​CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस और SIR प्रक्रिया

​दूसरी ओर, पटना में CJP (सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस) की ओर से भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। CJP के सदस्य सतीश यादव ने जानकारी दी कि पटना से ही बिहार में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके तहत मतदाता सूची से 47 लाख नाम हटाए गए थे। इसी मनमानी और कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कांग्रेस और अन्य संगठनों का यह गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है।