वैशाली। जिले के सहदेई बुजुर्ग के रहने वाले 45 वर्षीय श्याम किशुन राय पटना जंक्शन पहुंचने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। दिल्ली की एनटीपीसी (NTPC) कंपनी में बतौर इलेक्ट्रिशियन कार्यरत श्याम किशुन की गुमशुदगी से उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन पिछले कई घंटों से थानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनका कोई भी आधिकारिक सुराग हाथ नहीं लग पाया है।

​दिल्ली से पटना का सफर और अंतिम बातचीत

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, श्याम किशुन शनिवार दोपहर करीब 1 बजे दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से ट्रेन के जरिए पटना के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान शनिवार रात करीब 8 बजे तक उनकी अपने परिजनों से लगातार बातचीत हो रही थी। निर्धारित समय के मुताबिक, विक्रमशिला एक्सप्रेस रात 2:33 बजे पटना जंक्शन पहुंची थी।

​सीसीटीवी फुटेज में आखिरी बार आए नजर

​लापता होने के बाद जब परिजनों ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था खंगाली, तो सीसीटीवी फुटेज में श्याम किशुन जंक्शन के मुख्य गेट से बाहर निकलते और रात करीब 3:10 बजे अपना बैग व झोला लेकर वापस प्लेटफॉर्म की ओर जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद से उनका मोबाइल और उनका खुद का कोई अता-पता नहीं चल सका है।

​थानों के बीच फुटबॉल बने बेबस परिजन

​घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन सुबह करीब 6 बजे ही जीआरपी (GRP) थाने पहुंच गए और मदद की गुहार लगाई। उनके साथ उनकी पंचायत के पूर्व मुखिया शिव शंकर साह भी पटना पहुंचकर तलाश में जुट गए। परिजनों का गंभीर आरोप है कि जीआरपी थाने में उन्हें करीब 8 घंटे तक सिर्फ सीसीटीवी फुटेज ही दिखाया गया, लेकिन खोजबीन के नाम पर कोई ठोस कार्रवाई या मदद नहीं की गई।
​हद तो तब हो गई जब जीआरपी ने यह कहकर मामला टाल दिया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है और उन्हें कोतवाली थाना जाने को कह दिया गया। इसके बाद जब परिजन कोतवाली पहुंचे, तो वहां से उन्हें वापस जीआरपी भेज दिया गया। इस तरह पीड़ित परिवार न्याय और मदद की आस में दोनों थानों के बीच लगातार भटकता रहा।

​सुबह अचानक बजी फोन की घंटी

​श्याम किशुन के समधी धर्मनाथ राय ने बताया कि पटना जंक्शन पहुंचने के बाद जब परिजनों ने सुबह करीब 4 बजे उनके नंबर पर कॉल किया, तो कोई जवाब नहीं मिला और कुछ देर बाद फोन स्विच ऑफ आने लगा। हालांकि, सुबह करीब 7 बजे एक बार फोन की घंटी जरूर बजी, लेकिन कॉल रिसीव करने के बजाय बार-बार काट दी गई। इसके बाद से मोबाइल पूरी तरह बंद आ रहा है। परिजनों ने अपने सभी रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी फोन करके पता लगाया, लेकिन हर जगह से निराशा ही हाथ लगी।

​छठ पर गए थे दिल्ली, 15 अगस्त की छुट्टी में लौट रहे थे घर

​परिवार के मुताबिक, श्याम किशुन छठ पर्व के दौरान दिल्ली गए हुए थे। आगामी 15 अगस्त की छुट्टी के कारण वे अपने घर वैशाली लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में ही इस अनहोनी ने सबको झकझोर कर रख दिया है। श्याम किशुन के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा है, जिनमें से बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। पूरा परिवार उनकी सुरक्षित घर वापसी की उम्मीद में भारी चिंता और मायूसी के साथ उनकी तलाश में जुटा हुआ है।