कुंदन कुमार, पटना। बिहार भर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान यातायात विभाग के ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए पटना के गांधी मैदान के गेट नंबर 7 के समीप विशाल टेंट लगाया गया था। यहां चालान जमा करने वालों का आज आखिरी मौका था, जिसके कारण सुबह से ही भारी गहमागहमी देखने को मिली। कई चालानों में पचास प्रतिशत तक की छूट मिलने की घोषणा की गई थी, जबकि कुछ मामलों में पूरी राशि का भुगतान अनिवार्य रखा गया था। इस छूट की खबर फैलते ही गांधी मैदान परिसर में दस हजार से अधिक लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

​बुनियादी सुविधाओं की कमी और धीमी प्रक्रिया से रोष

​मौके पर मौजूद आम जनता ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कड़े सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि जब सरकार हर प्रणाली को डिजिटल कर चुकी है, तो चालान ऑनलाइन जमा करने की सुविधा क्यों नहीं दी गई? इस भीषण गर्मी में लोगों के लिए पीने के पानी तक का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। इसके अलावा, चालान काउंटरों की बेहद धीमी रफ्तार ने लोगों के असंतोष को और बढ़ा दिया। इसी बीच, कुछ वीआईपी लोगों के बिना लाइन में लगे सीधे अंदर प्रवेश करने पर आम जनता ने तीखा विरोध जताया और जमकर हंगामा किया।

​प्रशासन का पक्ष और व्यवस्थाओं का विस्तार

​आम जनता की भारी भीड़ और मिल रही शिकायतों पर पटना के डीटीओ पंकज पाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पटना जिले में कुल सोलह लाख पेंडिंग चालान हैं, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जुटना स्वाभाविक था। उन्होंने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुल तीस काउंटर बनाए गए थे, जिनमें से चार काउंटर महिलाओं और एक काउंटर वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित किया गया था।
​डीटीओ ने आश्वासन दिया कि शाम पांच बजे की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी रात दस बजे तक चालान स्वीकार किए जाएंगे ताकि लाइन में लगे किसी भी व्यक्ति को निराश न लौटना पड़े। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों का चालान आज किसी कारणवश जमा नहीं हो पाएगा, वे आगामी लोक अदालत के आयोजन के दौरान छूट के साथ अपने चालान का भुगतान कर सकेंगे।