Bihar news: राजधानी पटना में दैनिक कर्मियों के स्थायीकरण की मांग को लेकर पटना नगर निगम के 5 हजार से अधिक सफाईकर्मी और 275 वाहन चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस वजह से शहर के सभी 75 वार्डों में कचरे का उठाव पूरी तरह ठप हो चुका है। मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी गलियों तक कचरा प्वाइंट बन गए हैं। बोरिंग रोड, पाटलिपुत्र गोलंबर, पुनाईचक, कंकड़बाग, बांकीपुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल और पटना सिटी जैसे प्रमुख इलाके इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पिछले 5 दिनों के दौरान शहर में लगभग 750 टन कचरा इकट्ठा हो गया है, जो बारिश के पानी में भीगकर अब सड़ने लगा है और धूप खिलने के बाद उससे उठने वाली भयंकर दुर्गंध ने नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है।
फॉगिंग और छिड़काव ठप, मच्छरों के आतंक से बढ़ी बीमारियां
कचरे का उठाव रुकने के साथ ही राजधानी में फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे शहरभर में मच्छरों का आतंक कई गुना बढ़ गया है। कंकड़बाग, बोरिंग रोड और गर्दनीबाग जैसे क्षेत्रों में शाम ढलते ही मच्छरों के काटने से लोग परेशान हैं। सड़ता हुआ कचरा मच्छरों के लिए मुफीद ब्रीडिंग ग्राउंड बन रहा है, और कीटनाशकों का छिड़काव न होने से डेंगू, मलेरिया तथा चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों के तेजी से फैलने की आशंका काफी बढ़ गई है।
शहरवासियों की समस्याएं और जलजमाव का संकट
- संकरी सड़कें और जाम: जगह-जगह कचरे के अंबार लगने से सड़कें संकरी हो चुकी हैं, जिससे राहगीरों को पैदल चलने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और यातायात जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
- ड्रेनेज सिस्टम चोक: बारिश के बाद कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है और कचरा नालियों में जाने से ड्रेनेज प्वाइंट पूरी तरह चोक हो गए हैं।
- प्रभावित क्षेत्र: दरियापुर, खेतान मार्केट, बिड़ला मंदिर रोड, कुर्जी, पाटलिपुत्र, बोरिंग रोड और कंकड़बाग में जलजमाव की समस्या सबसे गंभीर रूप से देखी जा रही है।
नगर निगम का दावा और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई
दूसरी ओर, पटना नगर निगम प्रशासन का दावा है कि स्थिति से निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। निगम के अनुसार, सोमवार को 100 वाहनों के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा उठाया गया और नूतन राजधानी, अजीमाबाद, पटना सिटी, पाटलिपुत्र व बांकीपुर अंचलों में घरों व दुकानों से कचरा एकत्र किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन और जेसीबी तैनात किए गए हैं। हड़ताल के बावजूद रोजाना औसतन 300 टन कचरा उठाने का दावा किया जा रहा है। अनुबंध के मुताबिक पर्याप्त कर्मचारी और वाहन उपलब्ध न कराने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। निगम ने लगातार दूसरे दिन शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए 1 और 2 अगस्त के लिए 21.95 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ प्रमुख सड़कों और क्षेत्रों में रात के वक्त विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।


