पटना। राजधानी में त्रिस्तरीय एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि संगठन के बैनर तले पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी 14 सूत्री मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। दरोगा प्रसाद राय ट्रस्ट भवन से पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के आवास तक घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें राज्यभर के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार पंचायतों और ग्राम कचहरी को मजबूत करने व उनके अधिकार लौटाने के प्रति गंभीर नहीं है।
अधिकारों की रक्षा और ग्राम स्वराज का नारा
आंदोलन के दौरान प्रतिनिधि ‘ग्राम स्वराज हमारा अधिकार, अधिकारों से समझौता नहीं होगा’ के नारे लगाकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। संगठन की सबसे प्रमुख मांग ग्राम सभा की स्वतंत्रता को बहाल करना है। इसके साथ ही ग्राम कचहरी को जरूरी सुविधाओं से लैस करने और प्रतिनिधियों द्वारा लिखे जाने वाले पत्रों का तय समय-सीमा के भीतर जवाब देने की व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है।
वित्तीय स्वायत्तता और आयोग की राशि पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान छठे राज्य वित्त आयोग की बकाया राशि जल्द जारी करने और जिला परिषद को फंड से वंचित रखने की वजह सार्वजनिक करने की मांग की गई। सोलहवें वित्त आयोग की अनटाइड राशि के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंधों और एक विशेष बैंक से जुड़े आदेशों को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया गया। इसके अलावा, स्थानीय आय बढ़ाने के लिए OSR नियमावली में मोबाइल टावर को शामिल करने की बात कही गई।
मानदेय वृद्धि, पारदर्शिता और धांधली की जांच
संगठन ने पंचायत प्रतिनिधियों व कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने और ‘पंचायत प्रहरी सह सफाई कर्मी’ के पद को मंजूरी देने की मांग उठाई है। BSPRI में कथित घोटाले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पटना जिला परिषद सहित अन्य मामलों में हुई अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही पंच-सरपंच संघ की 11 सूत्री मांगों को पूरा करने पर बल दिया गया।
आवास योजना और विकास अभियानों में भूमिका
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से हटाए गए पात्र परिवारों के नाम फिर से जोड़ने और इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम सभा की भूमिका तय करने की मांग की गई है। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर पंचायती राज विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।

