कुंदन कुमार/पटना। राजधानी के दीघा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और सबक सिखाने वाली खबर सामने आई है। यहां पाटी पुल घाट पर पूजा सामग्री विसर्जित करने आए एक श्रद्धालु की लापरवाही भारी पड़ गई। महज एक हैंड ब्रेक न लगाने की चूक के कारण उनकी स्कॉर्पियो कार धू-धू कर जलने के बजाय, धीरे-धीरे लुढ़कते हुए गंगा नदी की लहरों में समा गई।

​पूजा के बाद विसर्जन करने पहुंचे थे घाट

​जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से बेगूसराय के रहने वाले रामनरेश सिंह वर्तमान में पटना के शिवपुरी मोहल्ले में निवास करते हैं। उनके घर में एक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। पूजा संपन्न होने के बाद, वे अपनी पत्नी के साथ विसर्जन के लिए दीघा के पाटी पुल घाट पहुंचे थे। उन्होंने अपनी 10 साल पुरानी सफेद रंग की स्कॉर्पियो को घाट के किनारे एक ढलान वाली जगह पर पार्क किया।

​एक छोटी सी भूल और बड़ा नुकसान

​हादसा उस वक्त हुआ जब रामनरेश सिंह गाड़ी खड़ी कर नीचे उतरे। ढलान होने के बावजूद वे गाड़ी में हैंड ब्रेक लगाना भूल गए थे। जैसे ही वे गाड़ी से दूर हुए, स्कॉर्पियो ने गुरुत्वाकर्षण के कारण ढलान पर गति पकड़ ली और धीरे-धीरे गंगा नदी की ओर बढ़ने लगी। रामनरेश ने जैसे ही अपनी आंखों के सामने गाड़ी को लुढ़कते देखा, उनके होश उड़ गए। उन्होंने भागकर गाड़ी को रोकने का भरसक प्रयास किया, लेकिन भारी वाहन की गति के आगे उनकी कोशिशें नाकाम साबित हुईं।

​तमाशबीन बनी रही भीड़, बनाते रहे वीडियो

​इस पूरी घटना का सबसे दुखद पहलू मानवीय संवेदनाओं का अभाव रहा। पीड़ित रामनरेश सिंह के अनुसार, जिस वक्त उनकी गाड़ी नदी की ओर बढ़ रही थी, वहां कई लोग मौजूद थे। उन्होंने चीख-चीखकर लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। लोग मदद करने के बजाय अपने मोबाइल फोन से इस पूरी घटना का वीडियो बनाने में मशगूल रहे। देखते ही देखते उनकी मेहनत की कमाई पानी में विलीन हो गई।

​पुलिस की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही दीघा थाने की पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची। हालांकि, जब तक पुलिस टीम पाटी पुल घाट पर पहुंची, तब तक स्कॉर्पियो पूरी तरह से गहरे पानी में डूब चुकी थी। पुलिस अब गोताखोरों और क्रेन की मदद से वाहन को बाहर निकालने की प्रक्रिया पर विचार कर रही है। यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जो सुरक्षा के प्रति लापरवाही और भीड़ की मानसिकता पर सवाल खड़े करती है।