कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को आड़े लेते हुए CBSE पर भी जमकर बरसे हैं. राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि CBSE आधुनिक मशीनों की जगह पर उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के लिए मोबाईल का इस्तेमाल किया, जिससे विद्यार्थियों का परिणाम प्रभावित हुआ है. सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने सार्वजनिक रूप से जांच की मांग की है. सांसद ने आगे कहा कि CBSE के टेन्डर 2025 के अंतर्गत उत्तर पुस्तिकाओं को स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से स्कैन करने की शर्त थी.
सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी के पास तरह-तरह के आमों के बारे में बोलने का भरपूर समय था. लेकिन हमारे प्रधानमंत्री के पास उन 18.5 लाख बच्चों के बारे में बोलने का समय नहीं है, जिनकी उत्तर पुस्तिकाओं को फोन से स्कैन किया गया ना कि स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से जिसके कारण बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा कि CBSE बोर्ड के ‘OSM’ मामले में पीएम मोदी की चुप्पी उनकी उदासीनता नहीं बल्कि मिलीभगत को दर्शाती है. CBSE के टेंडर में कॉपियों की बाइंडिंग सुरक्षित रखने और कम से कम 300 डीपीआई गुणवत्ता में स्कैनिंग करने का प्रावधान भी रखा गया था.
बाद में अगस्त में टेंडर में से महत्वपूर्ण शर्तों को हटा दिया गया, जिससे स्कैनिंग प्रक्रिया की गुणवत्ता कम हो गई. रिज़ॉल्यूशन घटकर 200 डीपीआई हो गया जिसका साफ और खुला मतलब है मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करना.

उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा. विपक्ष के नेता सांसद राहुल गांधी ने आगे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान जी अब भी अपने पद पर बने हुए हैं।
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