कुंदन कुमार, पटना। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) से जुड़े छात्रों ने तिरंगा लेकर लोक भवन मार्च निकाला। गांधी मैदान के पास एकत्र हुए छात्रों ने ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ और ‘ज्ञानू को भेजो जेल’ जैसे तीखे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में अनोखे पोस्टर्स भी दिखे, जिनमें लोकतंत्र बचाने और चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल उठाए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए होटल मौर्या और गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास भारी पुलिस बल तैनात कर कड़ी बैरिकेडिंग की गई है।
प्रशासनिक पाबंदियां और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की सुविधा, सुचारू यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन केवल गर्दनीबाग स्थित निर्धारित स्थल पर ही करने की अनुमति है। तय स्थल के अलावा किसी अन्य स्थान पर विरोध प्रदर्शन करने से शहर में भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी वजह से संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है।



SIR प्रक्रिया पर विधायक के गंभीर आरोप
भाकपा माले विधायक संदीप सौरव ने इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। उनका आरोप है कि दो चुनाव आयुक्तों की असहमति के बावजूद SIR की प्रक्रिया पूरी की गई और बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। साथ ही, चुनाव आयोग की केंद्रीय वेबसाइट से वोटर लिस्ट में सुधार के अधिकार स्थानीय अधिकारियों से छीन लिए गए, जिससे चुनाव में निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

