पटना। बिहार में भर्ती परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं, कथित पेपर लीक और लंबित नियुक्तियों को लेकर युवाओं का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। राज्य की गिरती शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक रवैये से नाराज हजारों छात्र-अभ्यर्थी आज राजधानी पटना में सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध-प्रदर्शन करने जा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि वे अब झूठे वादों के झांसे में आने वाले नहीं हैं और अपनी मांगों को मनवाने के लिए मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
गांधी मैदान से शुरू होगा विरोध-प्रदर्शन
यह महाआंदोलन आज सुबह 11 बजे पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू होगा। यहां से हजारों की संख्या में छात्र और युवा एकजुट होकर पैदल मार्च करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ेंगे। इस प्रदर्शन के माध्यम से छात्र-युवा संगठन राज्य सरकार और विभिन्न भर्ती आयोगों के समक्ष अपनी प्रमुख 10 सूत्री मांगें मजबूती से रखने वाले हैं।
10 सूत्री मांगों में जांच और परीक्षा कराने पर जोर
छात्रों की प्राथमिक मांगों में बिहार पुलिस दरोगा भर्ती को तुरंत रद्द करना, 70वीं BPSC परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच कराना और हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक के सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच शामिल है। इसके अतिरिक्त, वर्षों से अटकी और लंबित पड़ी भर्ती प्रक्रियाओं को अविलंब आयोजित कराकर परिणाम जारी करने की मांग भी शामिल है।
अब आश्वासन नहीं, ठोस जवाब चाहिए
छात्र नेताओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण राज्य के लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। सरकार हर बार केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेती है। इसी के विरोध में छात्रों ने एक बुलंद नारा दिया है:
अब आश्वासन नहीं, ठोस जवाब चाहिए। अब अनियमितता नहीं, पारदर्शिता चाहिए। तारीख पर तारीख नहीं, समय पर परीक्षा और नियुक्ति चाहिए।
दरोगा मेंस परीक्षा रद्द होने से बढ़ा आक्रोश
इससे पहले 29 अक्टूबर को 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में भी सफल अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे थे। गांधी मैदान से निकले अभ्यर्थियों को पुलिस प्रशासन ने डाकबंगला चौराहे पर ही रोक दिया था। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे बीते एक महीने से गर्दनीबाग धरना स्थल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन ने उनकी सुध तक नहीं ली। इसी अनदेखी के कारण आज छात्रों को आर-पार की लड़ाई के लिए विवश होना पड़ा है।

