कुंदन कुमार, ​पटना। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी डॉ. संजीव सिंह ने आगामी चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों और प्राथमिकताओं पर बड़ा बयान दिया है। हाल ही में वे पटना स्थित भाकपा (CPI) कार्यालय पहुंचे, जहां वाम दल के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने वामपंथी नेताओं के साथ भावी चुनावी रणनीति पर चर्चा की और इस बार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी बड़ी जीत का दावा किया।

​30 साल से जारी केवल बयानबाजी

​भाकपा कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए डॉ. संजीव सिंह ने वर्तमान प्रतिनिधि पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों यानी 30 सालों से एक ही प्रत्याशी इस सीट पर जीतते आ रहे हैं, लेकिन उन्होंने शिक्षकों के हित या उनके सम्मान को लेकर धरातल पर कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वे नेता सिर्फ बयानबाजी करते हैं और शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। डॉ. सिंह ने विश्वास जताया कि इस बार शिक्षक वर्ग भ्रमित नहीं होगा और उन पर बिल्कुल भरोसा नहीं करेगा।

​5,000 से ज्यादा फर्जी वोटर कटवाए

​चुनाव की निष्पक्षता पर जोर देते हुए डॉ. संजीव सिंह ने एक गंभीर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फर्जी वोटर बना लिए गए थे। जब इस बात की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत चुनाव आयोग से लिखित शिकायत दर्ज कराई। आयोग द्वारा की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक 5,000 से अधिक फर्जी वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी मतदाता सूची में कई फर्जी नाम मौजूद हैं, जिनकी सूची तैयार कर जल्द ही चुनाव आयोग से फिर से शिकायत की जाएगी।

​मतदान के दिन धांधली नहीं होने देंगे महागठबंधन के कार्यकर्ता

​डॉ. संजीव सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि मतदान के दिन यदि किसी भी असामाजिक तत्व या विरोधी दल ने फर्जी वोटरों के जरिए मतदान कराने या चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की, तो महागठबंधन के कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी से इसका विरोध करेंगे। वे बूथों पर पैनी नजर रखेंगे और किसी भी हाल में फर्जी वोटिंग नहीं होने देंगे। उन्होंने अंत में पूर्ण आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि इस बार महागठबंधन पूरी एकजुटता के साथ मैदान में है और शिक्षकों के समर्थन से उनकी जीत तय है।