कुंदन कुमार/पटना। PU परिसर आज उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब सीनेट की वार्षिक बैठक के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में छात्र उग्र हो गए। पुलिस द्वारा कैंपस का गेट बंद कर छात्रों को बाहर रखने के प्रयासों को विफल करते हुए, आक्रोशित विद्यार्थियों ने गेट का ताला तोड़ दिया और परिसर के अंदर प्रवेश कर लिया। जयप्रकाश नारायण सभागार में चल रही बैठक के दौरान छात्र जमकर नारेबाजी करते रहे।
पुलिसिया दमन और फीस वृद्धि के खिलाफ विरोध
प्रदर्शनकारी छात्रों का मुख्य आक्रोश विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की जा रही ‘पुलिसिया कार्रवाई’ और फीस वृद्धि को लेकर था। छात्रा सबा आफरीन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि छात्र केवल अपने कुलपति (VC) से मिलकर अपनी समस्याएं रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें अपनी ही यूनिवर्सिटी में घुसने से रोका गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि आए दिन रात के समय पुलिस कैंपस में घुसकर छात्रों के साथ मारपीट करती है और उन्हें डराने-धमकाने का काम करती है। उनकी मांग है कि शैक्षणिक बजट में छात्रों के हितों के लिए आवंटन बढ़ाया जाए और पुलिसिया दमन पर तत्काल रोक लगे।

535 करोड़ का बजट और शैक्षणिक सुधार
छात्रों के हंगामे के बीच भी सीनेट की बैठक जारी रही, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 535 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बैठक में पिछले एकेडमिक काउंसिल के निर्णयों पर मुहर लगाने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्नातक स्तर पर तीन और चार वर्षीय डिग्री कोर्स के साथ-साथ रोजगारपरक (Skill-based) पाठ्यक्रमों को शुरू करने की तैयारी में है। साथ ही, स्नातकोत्तर स्तर पर भी नए व्यावसायिक कोर्स शुरू करने और उन्हें ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में सैनिक कल्याण बोर्ड के सहयोग से भूतपूर्व सैनिकों के लिए ‘मानव संसाधन प्रबंधन’ में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने का मुद्दा भी शामिल रहा।
फिलहाल, कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। छात्रों की मांग है कि प्रशासन उनके मुद्दों पर सकारात्मक संवाद करे।


