पटना। बिहार के पावन और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल पावापुरी में आगामी 7 नवंबर को आयोजित होने वाले भगवान महावीर के 2552वें निर्वाण महोत्सव को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इस धार्मिक और ऐतिहासिक आयोजन के तहत मुख्य आकर्षण का केंद्र रहने वाली सांस्कृतिक संध्या को लेकर श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जैन श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह शाम बेहद खास और यादगार बनने जा रही है।
भव्य सांस्कृतिक संध्या का होगा आयोजन
जिला प्रशासन और आयोजन समिति के संयुक्त प्रयासों से पावापुरी में एक भव्य सांस्कृतिक मंच सजाया जा रहा है। इस मंच पर देश के जाने-माने कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ होने वाले इन सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य भगवान महावीर के संदेशों को कला के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन पावापुरी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा।
नवीन जैन पंड्या के भजन और लोक गायिका देवी की प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण प्रख्यात गायक नवीन जैन पंड्या और बिहार की सुप्रसिद्ध लोक गायिका देवी की प्रस्तुतियां होंगी।
- भक्तिमय प्रस्तुतियां: गायक नवीन जैन पंड्या अपने सुरीले और ऊर्जावान भजनों के माध्यम से पावापुरी के पावन वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना देंगे। उनके भजनों से श्रोता आध्यात्मिक गहराई का अनुभव करेंगे।
- लोक संस्कृति की छटा: वहीं, लोक गायिका देवी अपनी पारंपरिक शैली और दमदार गायकी के जरिए बिहार और देश की लोक संस्कृति के विविध रंगों को मंच पर जीवंत करेंगी। उनकी सुरीली तान और पारंपरिक गीत दर्शकों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेंगे।
आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम
भगवान महावीर के पावन सिद्धांत सत्य, अहिंसा, शांति, त्याग और करुणा मानवता के लिए हमेशा से मार्गदर्शक रहे हैं। इन महान संदेशों की पृष्ठभूमि में सजी यह संगीत की महफिल महोत्सव की भव्यता में चार चांद लगा देगी। यह आयोजन न केवल दर्शकों को संगीत के जरिए आनंदित करेगा, बल्कि उन्हें मानसिक और आध्यात्मिक शांति भी प्रदान करेगा। पावापुरी की इस पावन भूमि पर आस्था और उल्लास का यह अनूठा संगम इतिहास के पन्नों में एक नई मिसाल कायम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

