लक्ष्मीकांत बंसोड़, बालोद। सोशल मीडिया में लगातार आ रही बालोद जिले के दल्ली राजहरा वन परिक्षेत्र के घोठिया गांव के आस-पास बाघ विचरण की फोटो और खबरों से भय का माहौल बन गया है। बाघ की तस्वीरों के वायरल होने के बाद वन विभाग वन्य जीव की तलाश में जुट गया, लेकिन उसकी मौजूदगी के कोई सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने तथा अपुष्ट जानकारियों पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।

यह भी पढ़ें : CG Morning News : CM विष्णुदेव साय कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल… चक्रवात अर्नब के कारण आज स्कूल-कॉलेज बंद… 645 से ज्यादा पदों के लिए रोजगार मेला

बालोद के वनमंडलाधिकारी (DFO) अभिषेक अग्रवाल ने वन्यजीवों के विचरण को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के संबंध में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने अफवाहों से बचने के साथ ही अफवाह फैलाने वाले लोगों के संबंध में जानकारी जुटाने और उनसे संपर्क किए जाने की बात भी कही।

डीएफओ अभिषेक अग्रवाल के अनुसार, बाघ के विचरण को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अफवाहों से लोगों को बचना चाहिए। बिना पुष्टि के किसी वन्यजीव की मौजूदगी का दावा करना या ऐसे संदेशों को आगे प्रसारित करना लोगों में अनावश्यक भय पैदा कर सकता है। यदि किसी क्षेत्र में बाघ दिखाई देने की सूचना मिलती है, तो इसकी जानकारी संबंधित वन विभाग के अधिकारियों से लेकर पुष्टि की जानी चाहिए।

वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही समझदारी

वन्यजीव प्राकृतिक पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके विचरण के दौरान मानव सुरक्षा और वन्यजीवों की सुरक्षा, दोनों का ध्यान रखना आवश्यक है। बाघ, तेंदुए भालू की मौजूदगी की सूचना मिलने पर घबराने के बजाय सतर्क रहना, अनावश्यक भीड़ से बचना और वन विभाग को सूचित करना जरूरी है।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बच्चों को अकेले ऐसे स्थानों पर जाने से रोकना चाहिए, जहां वन्यजीव दिखाई देने की सूचना मिली हो। सुबह-शाम खेतों, जंगल से लगे रास्तों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

सुनिए डीएफओ की अपील –

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m