पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन टिकैत की बैठक के दौरान किसान सिटी मजिस्ट्रेट के समय पर नहीं पहुंचने से नाराज होकर हाईवे पर बैठ गए. किसानों ने गन्ने का रेट 600 रुपये प्रति क्विंटल करने और अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
पीलीभीत. सोमवार को कृषि उत्पादन मंडी परिसर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान किसानों ने प्रदर्शन किया. किसान अपनी 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन देने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनके समय पर नहीं पहुंचने से किसान नाराज हो गए.
इसके बाद किसानों ने पीलीभीत-टनकपुर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ जाम लगभग 40 मिनट तक रहा, जिससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा.
जमीन पर बैठे सिटी मजिस्ट्रेट
हाईवे जाम होने की जानकारी मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्या तत्काल मौके पर पहुंचे. वहां किसान नेताओं ने उनके समय पर नहीं पहुंचने को लेकर विरोध जताया और उन्हें किसानों के बीच जमीन पर बैठकर शिकायतें सुनने को कहा.

स्थिति को संभालते हुए सिटी मजिस्ट्रेट पीएल मौर्या किसानों के साथ जमीन पर बैठ गए. उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं, जिसके बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम अपना ज्ञापन सौंपा और प्रदर्शन समाप्त कर दिया.
गन्ने का रेट 600 रुपये की मांग
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सरकार एमएसपी घोषित करती है, लेकिन फसलों की खरीद सुनिश्चित नहीं होती. उन्होंने कहा कि जब चीनी की कीमत 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, तो गन्ने का मूल्य भी कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए.
उन्होंने महंगी खाद और वर्ष 2016 से सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जाने का मुद्दा भी उठाया. किसानों ने इन समस्याओं के समाधान की मांग सरकार के सामने रखी.
ज्ञापन में कई मांगें
किसानों ने टनकपुर बाईपास स्थित माधोटांडा चौराहे का नाम बदलकर ‘बाबा महेंद्र सिंह टिकैत चौक’ रखने की मांग की. धान क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे और टोकन व्यवस्था लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही.
किसानों ने उनकी जमीन के हिसाब से डीएपी खाद के वितरण की व्यवस्था तय करने की मांग की. इसके अलावा अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने और डिजिटल मीटरों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी गई.
छुट्टा पशुओं का मुद्दा
किसानों ने छुट्टा पशुओं से फसलों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने की मांग की. साथ ही बिलसंडा में आवास योजना में हुई गड़बड़ी की जांच कराने की मांग भी ज्ञापन के जरिए उठाई गई.
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने की. इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार अजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे.



