पिंजौर में दुकानदार जितेश मनोचा की हत्या के चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटनास्थल पर निशानदेही कराई है। वहीं लापरवाही पर SHO को निलंबित कर दिया गया है।

पंचकूला। पिंजौर मुख्य बाजार में दुकानदार जितेश मनोचा की सरेराह हुई हत्या के मामले में हरियाणा पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने मामले के चारों आरोपियों- मनप्रीत सिंह, रोहित मेहता, मनीष कुमार और खुशदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आज पुलिस टीम कड़ी सुरक्षा के बीच इन चारों हत्यारोपियों को घटनास्थल पर ले गई, जहाँ उनसे वारदात की निशानदेही कराई गई और सीन को रीक्रिएट किया गया। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के बाल मुंडवाकर उन्हें बाजार के बीचों-बीच पैदल चलाया, ताकि समाज में अपराधियों के प्रति कड़ा संदेश जाए। स्थानीय लोग इस दौरान वहां भारी संख्या में मौजूद रहे।

पुरानी रंजिश में दिया वारदात को अंजाम

डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि हत्या का मुख्य कारण एक महीने पहले पार्किंग को लेकर हुआ मामूली विवाद था। आरोपी खुशदीप सिंह ने इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध की साजिश रची थी। शुक्रवार दोपहर करीब 3:15 बजे, जब जितेश अपनी दुकान के बाहर एक परिचित की गाड़ी में बैठे थे, तभी हमलावरों ने उन्हें बाहर खींचकर डंडों, लाठियों और चाकू से बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। गौरतलब है कि इनमें से एक आरोपी मनप्रीत पर पहले भी चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गहनता से साक्ष्य जुटाकर कड़ी सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।

लापरवाही पर एसएचओ समेत बड़ा फेरबदल

इस हत्याकांड के बाद पंचकूला पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था में चूक मिलने पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में पिंजौर थाना के एसएचओ, इंस्पेक्टर बच्चू सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, थाना स्टाफ का भी बड़े स्तर पर तबादला कर दिया गया है। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलेभर में पुलिसिंग को और अधिक चुस्त और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है ताकि लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो सके।