Dharm Desk – सनातन धर्म में गयाजी को मोक्ष की भूमि कहा गया है। महाभारत और पुराणों के अनुसार, अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उन्हें जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने के लिए पितृ पक्ष में गयाजी आकर पिंडदान और तर्पण करने का विशेष विधान है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने भी अपने पिता राजा दशरथ की आत्मा की शांति के लिए फल्गु नदी के तट पर ही पिंड दान किया था। गयाजी में विष्णुपद मंदिर के समीप स्थित विष्णु पदचिह्न पर अर्पित किया गया, पिंड पित्रों को सीधे बैकुंठ धाम पहुंचाता है। यही कारण है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु अपने पित्रों के ऋण से मुक्त होने और उनका आर्शीवाद पाने यहां पहुंचते हैं।

कब से शुरू होंगे पितृपक्ष

16 दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष इस बार 25 सितंबर से शुरू हो रहे। गयाजी में लगने वाला ऐतिहासिक पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम और सुखद यात्रा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

  • 2500 बेड की टेंट सिटी : बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 2500 बेड की क्षमता वाली भव्य और सर्वसुविधायुक्त टेंट सिटी तैयार की जा रही है।
  • फल्गु तट पर महाआरती : मेले के दौरान पवित्र फल्गु नदी के तट पर दिव्य महा आरती का आयोजन होगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।
  • ई-रिक्शा और हेल्पलाइन : बुजुर्गों और जरूरतमंद श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था रहेगी। साथ ही त्वरित सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन और अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र भी बनाए जा रहे हैं।
  • 120 करोड़ की आधुनिक धर्मशाला : श्रद्धालुओं के स्थायी और बेहतर आवास के लिए 120 करोड़ रुपये की लागत से 1000 बेड वाली सर्वसुविधायुक्त आधुनिक धर्मशाला का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
  • होमस्टे योजना : विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, डुंगेश्वरी और गुरपा पहाड़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं को स्थानीय परिवेश में बेहतर आवास देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे योजना (11 लाख रुपये तक की सहायता) लागू की गई है।

धोखाधड़ी से बचने के लिए यह करें

गयाजी में श्रद्धालुओं की सुविधा और धोखाधड़ी रोकने के लिए प्रशासन व BSTDC ने व्यवस्थाएं की हैं। पिंडदान-तर्पण के लिए अधिकृत गयापाल पंडा या सूचना केंद्र से संपर्क कर निर्धारित शुल्क की रसीद लें। ठगी व ओवरचार्जिंग रोकने के लिए मेला क्षेत्र में पुलिस-मजिस्ट्रेट, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन की व्यवस्था है। गया जंक्शन व बस स्टैंड से घाटों तक ई-रिक्शा, ऑटो और बुजुर्ग-दिव्यांगों के लिए प्राथमिकता परिवहन उपलब्ध रहेगा।