पटना। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने हाल ही में जेडीयू नेता नीरज कुमार के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पीके पर तीखा हमला बोला था। पीके ने दो टूक शब्दों में कहा कि नीरज कुमार अब जल्द ही बेरोजगार होने वाले हैं और वे डॉक्टर तो हैं नहीं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नीरज कुमार ने आगे भी जेडीयू के खिलाफ इसी तरह के बयानबाजी जारी रखी, तो वे पिछले डेढ़ साल के दौरान जेडीयू के भीतर से पार्टी के खिलाफ दी गई अंदरूनी जानकारियों और पेपर लीक मामलों के सारे दस्तावेज जनता के सामने बेनकाब कर देंगे।
दिल्ली प्रदर्शन और सरकार की कार्रवाई पर बड़ी प्रतिक्रिया
दिल्ली में हालिया प्रदर्शन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि कुछ लोग केवल यह आकलन कर रहे हैं कि इस प्रदर्शन में भीड़ कितनी थी। असली बात यह है कि इस आंदोलन को दबाने या रोकने के लिए सरकार को करीब 40 हजार अर्धसैनिक बलों को मैदान में उतारना पड़ा। पीके के अनुसार, यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आम जनता के इस विरोध प्रदर्शन की ताकत और इसका दायरा कितना बड़ा और प्रभावी है।
एनडीए की समन्वय बैठक
बिहार में एनडीए की हालिया बैठकों और आगामी एमएलसी चुनाव के संदर्भ में पीके ने सत्ता पक्ष पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि बांकीपुर में जिस तरह 480 नेताओं की भीड़ जुटाकर बैठक की गई थी, उससे उनकी आंतरिक घबराहट साफ नजर आई थी। यही घबराहट अब आगामी एमएलसी चुनावों को लेकर भी दिखाई दे रही है। पीके ने विश्वास जताया कि एनडीए चाहे विधानमंडल की बैठक बुलाए या विधान परिषद की, बिहार के जागरूक शिक्षक और स्नातक मतदाता उन उम्मीदवारों को करारी शिकस्त देने का मन बना चुके हैं जो कथित तौर पर सातवीं फेल मुख्यमंत्री की नीतियों का समर्थन करते हैं।

