​Automobile Desk: इटली की विश्व प्रसिद्ध लग्जरी सुपरकार निर्माता फेरारी ने भारतीय बाजार में अपनी जड़ें और अधिक गहरी करने का ठोस खाका तैयार कर लिया है। अब तक देश के चुनिंदा महानगरों तक सीमित रही इस दिग्गज ब्रांड की पहुंच अब पाँच प्रमुख शहरों तक विस्तृत होने जा रही है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फेरारी बहुत जल्द चेन्नई और अहमदाबाद में अपनी अत्याधुनिक डीलरशिप शुरू करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। इसके साथ ही भारतीय मोटर वाहन प्रेमियों के लिए अपने सपनों की सुपरकार तक पहुंच पाना और भी सुगम हो जाएगा।

वर्तमान में इन शहरों में मौजूद है कंपनी

फिलहाल देश के भीतर फेरारी का आधिकारिक शोरूम नेटवर्क केवल तीन बड़े महानगरों यानी दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई तक ही सीमित था। देश के दक्षिणी, पश्चिमी और उत्तरी कोनों के इन बड़े व्यावसायिक केंद्रों के बाद अब कंपनी का ध्यान टियर-1 और उभरते हुए महानगरों पर केंद्रित हो गया है। इसी रणनीति के तहत दक्षिण भारत में चेन्नई और पश्चिम भारत में अहमदाबाद को नए ठिकानों के रूप में चुना गया है, जिससे खरीदारों को अधिक सहज अनुभव मिल सके।

स्थानीय दिग्गजों के साथ मजबूत साझेदारी

अपने इस बड़े विस्तार को अमली जामा पहनाने के लिए फेरारी ने देश के स्थापित ऑटोमोटिव बिजनेस घरानों के साथ हाथ मिलाया है। चेन्नई में नई डीलरशिप का संचालन प्रतिष्ठित ‘KUN ग्रुप’ के हाथों में होगा, जो प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट में मजबूत पकड़ रखता है। वहीं दूसरी ओर, अहमदाबाद के ग्राहकों के लिए ‘इनफिनिटी ग्रुप’ को नया पार्टनर बनाया गया है। इन दोनों अनुभवी व्यावसायिक समूहों के जुड़ने से ब्रांड को स्थानीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में काफी मदद मिलेगी।

सीईओ बेनेडेटो विग्ना का बड़ा बयान

फेरारी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बेनेडेटो विग्ना ने भारतीय बाजार की क्षमता पर पूरा भरोसा जताया है। उनका मानना है कि भारत का लग्जरी ऑटोमोबाइल बाजार तेजी से परिपक्व हो रहा है और यहां सुपरकारों के प्रति दीवानगी लगातार बढ़ रही है। कंपनी की योजना यहां के शौकीनों के साथ एक दीर्घकालिक और मजबूत रिश्ता कायम करने की है। हाल ही में आयोजित विशेष प्रदर्शनी में ब्रांड ने अपनी भावी रणनीतियों के साथ शानदार सुपरकारों की झलक पेश की, जिसे ऑटो प्रेमियों ने बेहद सराहा।

भारत-ईयू ट्रेड डील और आयात शुल्क में राहत की उम्मीद

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर ऑटो सेक्टर में जबरदस्त हलचल मची हुई है। यदि यह समझौता तय शर्तों के अनुसार लागू होता है, तो यूरोपीय देशों से आयात होने वाली गाडिय़ों पर लगने वाला भारी-भरकम आयात शुल्क मौजूदा 110 प्रतिशत से घटकर आने वाले समय में करीब 10 प्रतिशत तक आ सकता है।

फेरारी के फार एंड मिडिल ईस्ट क्षेत्र के प्रमुख फ्रांसेस्को बियांकी ने इस विषय पर खुलकर बात की है। उनका कहना है कि यह प्रस्तावित ट्रेड डील भारत के प्रीमियम और सुपरकार बाजार की पूरी तस्वीर बदलकर रख सकती है। समझौते की सुगबुगाहट सामने आते ही फेरारी उन अग्रणी वैश्विक कंपनियों में शामिल थी, जिन्होंने सबसे पहले भारतीय ग्राहकों तक इस संभावित राहत का लाभ पहुंचाने की अपनी इच्छा जाहिर की थी। ड्यूटी घटने की स्थिति में कारों की ऑन-रोड कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे देश में ऐसी हाई-एंड मशीनों की मांग में और अधिक उछाल आने के पूरे आसार हैं।

इलेक्ट्रिक कार ‘ल्यूस’ से भी उठा पर्दा

अपने इस खास इवेंट के दौरान फेरारी ने अपनी बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक सुपरकार ‘ल्यूस’ (Luce) को भी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया। कंपनी के इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि भविष्य के मोबिलिटी ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए वे भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को उतारने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

​हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच विचाराधीन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के दायरे में फिलहाल बाहर से आने वाली इलेक्ट्रिक कारें शामिल नहीं की गई हैं। इस वजह से यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रस्तावित टैक्स कटौती का सीधा फायदा इलेक्ट्रिक ‘ल्यूस’ को मिल पाएगा या नहीं। फिर भी, फेरारी का अपनी इस उन्नत तकनीक वाली गाड़ी को भारतीय मंच पर दिखाना इस बात का प्रमाण है कि वे भविष्य की तकनीक के साथ देश में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।