प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान देशभर के किसानों और नागरिकों को बड़ी आर्थिक व विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘पीएम-किसान सम्मान निधि’ योजना की 24वीं किस्त जारी करते हुए देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में direct benefit transfer (DBT) के माध्यम से 19,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, सिंचाई और कृषि उत्थान को नई गति देने के लिए 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों से मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, कृषि विशेषज्ञ और देश के कोने-कोने से किसान प्रौद्योगिकी के माध्यम से डिजिटल रूप से जुड़े।
छोटे किसानों की मजबूती और वैश्विक परिस्थितियों पर बात
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कृषि क्षेत्र में छोटे किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के कुल किसानों में 85 प्रतिशत से अधिक छोटे किसान हैं। आजादी के बाद लंबे समय तक इन छोटे और सीमांत किसानों की जरूरतों और समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। हमारी सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर इन किसानों की सुध ली है और पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के जरिए उन्हें समय पर आर्थिक संबल प्रदान किया है।
जनसभा के अनोखे दृश्य का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सभा में बड़ी संख्या में लोगों को पारंपरिक चारपाइयों पर बैठे देखना पूरे देश के लिए एक अद्भुत और मनमोहक नजारा है। बनासकांठा की जनता ने ग्रामीण भारत की इस महान और जीवंत परंपरा को जीवित रखा है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यदि इस आयोजन के बारे में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम को पूर्व सूचना दी गई होती, तो निश्चित रूप से यह एक नया विश्व रिकॉर्ड बन जाता।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और खाद की बढ़ती कीमतों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों और खाद के दामों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद, सरकार ने सुनिश्चित किया कि खाद की बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ देश के गरीब और छोटे किसानों की जेब पर न पड़े। सरकार ने सब्सिडी के माध्यम से इस वित्तीय भार को खुद वहन किया ताकि किसानों को किफायती दरों पर कृषि सामग्री मिलती रहे।
चारपाइयों का अद्भुत नजारा और बनासकांठा से ऐतिहासिक जुड़ाव
अपने संबोधन में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शुरुआती दौर को याद किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि 25 साल की जनसेवा के सफर में प्रधानमंत्री के रूप में बनासकांठा में यह उनकी पहली बड़ी जनसभा है, लेकिन 2001 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम भी डीसा (बनासकांठा) में आयोजित हुआ था। वह जन-कल्याण मेला ऐतिहासिक था, जिसमें अकेले एक जिले से करीब 3 लाख लोग शामिल हुए थे।
कृषि और बुनियादी ढांचे का समग्र विकास
इस आयोजन के दौरान 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण से गुजरात सहित आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई, सड़क नेटवर्क, जल प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। आधुनिक टेक्नोलॉजी के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के सभी जिलों के किसान जुड़े, जिससे यह साबित होता है कि डिजिटल क्रांति ने भारत के कृषि क्षेत्र को सशक्त और पारदर्शी बनाया है। पीएम-किसान की 24वीं किस्त से आने वाले बुवाई और कृषि सीजन में किसानों को अपने बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने में सीधी राहत मिलेगी।
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