पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर सामने आ रही है। अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी (OPD) रजिस्ट्रेशन की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन करने की दिशा में तेजी से तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले दिसंबर महीने से मरीज घर बैठे ही ओपीडी के लिए ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे। इस नई डिजिटल पहल से राज्य के दूरदराज के विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगने वाली लंबी-लंबी और थका देने वाली कतारों से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।
प्रतिदिन पहुंचते हैं हजारों मरीज
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, पीएमसीएच की ओपीडी में रोजाना लगभग 3,000 से 4,000 मरीज अपना इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। इनमें एक बहुत बड़ा हिस्सा उन मरीजों का होता है जो बिहार के दूसरे जिलों से लंबी यात्रा तय करके यहां आते हैं। वर्तमान समय में इन सभी मरीजों को सुबह-सुबह अस्पताल पहुंचकर 13 उपलब्ध रजिस्ट्रेशन काउंटरों में से किसी एक की लंबी लाइन में लगना पड़ता है। ये काउंटर दोपहर 2 बजे बंद हो जाते हैं, जिसके कारण दूरदराज से आने वाले जो मरीज देर से पहुंचते हैं, उन्हें कई बार पर्ची नहीं मिल पाती। ऐसे मरीजों को मजबूरी में अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद इस गंभीर समस्या का स्थायी और सटीक समाधान हो जाएगा।
स्कैनर से तुरंत निकलेगी ओपीडी पर्ची
अस्पताल प्रशासन ने ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में विशेष स्कैनर स्थापित करने की योजना बनाई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज जब अस्पताल पहुंचेंगे, तो वे परिसर में लगे इन स्कैनर पर अपनी जानकारी या विवरण को स्कैन करके तुरंत अपनी ओपीडी पर्ची प्राप्त कर सकेंगे। पर्ची मिलते ही वे बिना किसी देरी के सीधे संबंधित डॉक्टर के कक्ष में जाकर परामर्श ले सकेंगे।
पोर्टल पर दिखेगा डॉक्टरों का पूरा रोस्टर
इस पूरी ऑनलाइन व्यवस्था के तहत पीएमसीएच के आधिकारिक पोर्टल पर सभी विभागों की ओपीडी का अपडेटेड रोस्टर हमेशा उपलब्ध रहेगा। इससे मरीजों को पहले ही यह देखने की सुविधा मिल जाएगी कि किस निर्धारित दिन और समय पर किस विभाग में कौन से डॉक्टर ओपीडी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से दूरदराज के जिलों से आने वाले मरीज डॉक्टर की उपलब्धता और रोस्टर के अनुसार अपना दिन चुनकर ही अस्पताल की यात्रा करेंगे। उन्हें केवल रजिस्ट्रेशन या डॉक्टर की जानकारी के लिए सुबह-सुबह आकर भागदौड़ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
आधार नंबर से जुड़ेगा पूरा मेडिकल डेटा
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के दौरान मरीजों को अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। आधार नंबर दर्ज होने से मरीज का पूरा मेडिकल डेटा और पुराना इतिहास ऑनलाइन सुरक्षित और उपलब्ध रहेगा, जिससे डॉक्टरों को इलाज करने में भी काफी आसानी होगी। यह डिजिटल कदम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाएगा।

