मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद फॉर्म 6 और SIR प्रक्रिया को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि फॉर्म 6 में किए गए बदलाव को कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड सामने आने के बाद यह देखा जाएगा कि बदलाव किसने किया।

क्या है Form 6 विवाद?

याचिकाकर्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से पेश वकील मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट को बताया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में बदलाव किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया।

विवाद उस अतिरिक्त डिक्लेरेशन को लेकर है, जिसके तहत SIR के दौरान नए मतदाताओं को अपने या माता-पिता अथवा दादा-दादी के पुराने SIR रिकॉर्ड से संबंध बताने की जरूरत बताई गई। चुनाव आयोग का कहना है कि Form 6 में बदलाव नहीं किया गया, बल्कि SIR के लिए उसके साथ एक अलग डिक्लेरेशन जोड़ा गया है।

कांग्रेस ने CEC पर लगाए गंभीर आरोप

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने CEC पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि फॉर्म 6 में जानबूझकर बदलाव किया गया, जिससे नए, खासकर Gen Z मतदाताओं के पंजीकरण में परेशानी पैदा हुई। वहीं CJP के संयोजक अभिजीत दीपके और संस्थापक सदस्य सौरव दास ने भी CEC ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को गंभीर बताया।

26 सितंबर की ECI प्रेस रिलीज पर भी सवाल

विवाद इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि विपक्षी नेताओं के मुताबिक 26 सितंबर की ECI प्रेस रिलीज में कहा गया था कि SIR से जुड़े Form 6 के डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। अब चीफ जस्टिस की टिप्पणी के बाद इसी दावे पर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, Form 6 में बदलाव बनाम उसके साथ अतिरिक्त डिक्लेरेशन जोड़ने को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के दावों में स्पष्ट अंतर है। मामले में रिकॉर्ड सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m