शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी संगठन में नए नेतृत्व की कमान संभालने के साथ ही राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों की हलचल बढ़ गई है। नवनियुक्त संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी और प्रदेश प्रभारी विप्लव देव अपने पदभार ग्रहण से पहले धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर आशीर्वाद ले रहे हैं, वहीं इसके ठीक बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का भोपाल दौरा भी प्रस्तावित है।
बाबा महाकाल के दर पर चंद्रशेखर तिवारी
बीजेपी के नवनियुक्त संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी अपने पदभार ग्रहण से पहले धार्मिक यात्रा पर हैं। चंद्रशेखर तिवारी ने सबसे पहले चित्रकूट पहुंचकर भगवान श्रीराम की पावन तपोभूमि के दर्शन किए। अब वे उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन करेंगे और आशीर्वाद लेंगे। उज्जैन में पूजन के बाद तिवारी कल भोपाल पहुंचेंगे और 30 सितंबर को आधिकारिक रूप से संगठन महामंत्री का पदभार ग्रहण करेंगे। पदभार संभालने के तुरंत बाद वे बीजेपी के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक लेंगे, जिसमें संगठन के आगामी कार्यक्रमों और भावी रणनीतियों पर गहन मंथन किया जाएगा।
प्रदेश प्रभारी विप्लव देव का भोपाल में मैराथन शेड्यूल
बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी विप्लव देव भी पद संभालने से पहले धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर मुलाकातों का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। विप्लव देव सुबह 10 बजे भोपाल पहुंचेंगे। शहर में आगमन के तुरंत बाद वे ऐतिहासिक गुफा मंदिर जाकर भगवान महादेव के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे। धार्मिक दर्शन के बाद वे पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के निवास पर जाकर उनसे शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से भी भेट करेंगे।शाम को विप्लव देव बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और प्रमुख पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।
3 अक्टूबर को अमित शाह का संभावित भोपाल दौरा
नए प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री के पदभार ग्रहण के ठीक बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का मध्य प्रदेश दौरा प्रस्तावित है। पशुपालक सम्मेलन में शिरकत: अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल आ सकते हैं। वे भोपाल के भेल (BHEL) दशहरा मैदान में आयोजित विशाल ‘पशुपालक सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक और पशुपालक जुटेंगे। इस दौरे के दौरान गृह मंत्री सहकारिता क्षेत्र की मजबूती के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक भी ले सकते हैं। इसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और राजस्थान—इन चार राज्यों के सहकारिता मंत्रियों की भागीदारी संभावित है।
‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ पर सरकार का फोकस
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। राज्य सरकार का मुख्य ध्यान केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर पशुपालन, डेयरी विकास, सहकारिता तंत्र और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर है। अमित शाह का यह दौरा इसी कड़ी में राज्य के डेयरी और सहकारिता मॉडल को नई दिशा देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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