कुंदन कुमार, पटना। बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। विपक्ष लगातार सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रहा है। हाल ही में समस्तीपुर में एक युवती के साथ हुई छेड़खानी की घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच तीखा जुबानी हमला शुरू हो गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं।

​कांग्रेस प्रवक्ता का सरकार पर तीखा हमला

​समस्तीपुर की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असीतनाथ तिवारी ने राज्य सरकार पर जोरदार तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार में बेटियां अब कहीं भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में सरेआम बलात्कार की घटना घटी, बिहटा और जमुई में लड़कियों से छेड़खानी हुई और अब समस्तीपुर में भी ऐसी ही शर्मनाक घटना सामने आई है।
​असीतनाथ तिवारी ने महाभारत का संदर्भ देते हुए तीखे शब्दों में कहा कि जब सिंहासन पर दुर्योधन बैठा हो, तो दुशासन खुलेआम चीरहरण करेगा ही। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है और विपक्ष सरकार से इस्तीफे और तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहा है।

​मंत्री जायसवाल का पलटवार

​विपक्ष के हमलों और बढ़ते दबाव के बीच सरकार की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्री जायसवाल ने राज्य में कानून व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि अपराध और हर घटना के पीछे के कारणों को समझना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि किसी पुराने विवाद के बाद हुई आपराधिक घटनाओं को भी उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
​मंत्री ने आश्वासन दिया कि कानून अपना काम निष्पक्ष तरीके से कर रहा है और सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने हाल ही में पटना में अनिल यादव को गोली मारे जाने की घटना और विभिन्न जिलों की घटनाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की।

​क्या वीडियो वायरल करना कोई गहरी साजिश है?

​जमुई के बाद समस्तीपुर में हुई घटना पर चिंता जताते हुए मंत्री जायसवाल ने एक बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि क्या रील बनाकर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना किसी साजिश का हिस्सा है? उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसी घटनाओं के तुरंत बाद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डालने के पीछे असली वजह क्या है।
​मंत्री ने इशारा किया कि क्या इन घटनाओं के जरिए सोची-समझी रणनीति के तहत वर्तमान सरकार को बदनाम करने की कोई बड़ी कोशिश की जा रही है? बहरहाल, एक तरफ जहां बेटों और बेटियों की सुरक्षा को लेकर विपक्ष आक्रामक है, वहीं दूसरी तरफ सरकार इसे राजनीतिक साजिश और कानून के जरिए नियंत्रित करने की बात कह रही है।