अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। रोहतास जिले के मुख्यालय सासाराम स्थित सदर अस्पताल के चिकित्सक आज अचानक हड़ताल पर चले गए हैं। बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (‘बासा’) के देशव्यापी या प्रांतीय आह्वान पर यह कदम उठाया गया है, जिसके कारण अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल की मुख्य वजह
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले सहरसा जिले में एक चिकित्सक (डॉ. आजाद) और एक स्थानीय पत्रकार के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस घटना के बाद प्रशासन द्वारा संबंधित डॉक्टर पर तुरंत कार्रवाई की गई थी।
इसी कार्रवाई के विरोध में सरकारी अधिकारियों और चिकित्सकों के संगठन ‘बासा’ ने कड़ा रुख अपनाते हुए आज ओपीडी (Out Patient Department) के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया। चिकित्सकों का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर की गई वह कार्रवाई एकतरफा और अनुचित थी, जिसके विरोध में राज्यभर के डॉक्टर एकजुट होकर अपनी नाराजगी दर्ज करा रहे हैं।
अस्पताल की व्यवस्था
सासाराम सदर अस्पताल की उपाधीक्षक (DS) डॉ. बीके पुष्कर ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉक्टरों की इस अचानक हड़ताल का असर केवल सामान्य चिकित्सा सेवाओं पर पड़ा है।
- ओपीडी सेवा ठप: अस्पताल के अधिकांश चिकित्सक व्हाट्सएप के माध्यम से अपने उच्चाधिकारियों को सूचना देकर हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते ओपीडी में मरीजों का इलाज पूरी तरह से बाधित है।
- इमरजेंसी और अन्य सेवाएं: राहत की बात यह है कि अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं पोस्टमार्टम और अन्य गंभीर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही हैं। मरीजों को किसी बड़ी अनहोनी से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
दूर-दूर से आए मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
अस्पताल में ओपीडी सेवा ठप होने की वजह से ग्रामीण इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों से सुबह-सुबह अपना इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। कई मरीज घंटों कतार में खड़े रहने के बाद बिना इलाज कराए ही मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं। अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के नहीं मिलने से आम जनता में भी असंतोष देखा जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर इस बात की कोशिश की जा रही है कि जल्द ही डॉक्टरों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त कराई जाए, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य लाभ पुनः सुचारू रूप से मिल सके।


