चंकी बाजपेयी, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चर्चित भागीरथपुरा दूषित जलकांड को लेकर राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। हाल ही में न्यायालय के आदेश पर इस मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद, कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। पितृ पक्ष के दौरान कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों के घर पहुंचा और उनके साथ सहानुभूति जताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
क्या है पूरा मामला और कांग्रेस की मांगें?
पिछले दिनों अदालत के निर्देश पर भागीरथपुरा में फैले दूषित पानी से जुड़ी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई थी, जिसमें कई गंभीर खुलासे सामने आए हैं। रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं ने उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई
पीड़ित परिवारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं। दूषित जल से जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। पीड़ित परिवारों के जीवन-यापन को सुरक्षित करने के लिए परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। रिपोर्ट में जिन अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की लापरवाही उजागर हुई है, उनके खिलाफ तुरंत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस बड़ी त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया है कि इस लड़ाई में पार्टी पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ही पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस मामले में रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर भूचाल आ गया है, और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शासन-प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
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