Odisha Desk, भुवनेश्वर: चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद ओडिशा के गंजम, गजपति और कंधमाल जिलों में मची तबाही को लेकर राज्य की राजनीति गर्मा गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा भारी बारिश और बाढ़ के अग्रिम पूर्वानुमान के बावजूद उचित तैयारी न करने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

भुवनेश्वर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा कि यदि समय रहते एहतियाती कदम उठाए गए होते तो बड़े पैमाने पर हुए नुकसान को रोका जा सकता था।

विपक्षी नेताओं ने आपदा प्रबंधन में लापरवाही और प्रशासनिक विफलताओं को रेखांकित करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए-

प्रमिला मलिक ने आरोप लगाया, “जब हजारों लोग पानी से घिरे हुए थे, तब सरकार ने केवल एक हेलीकॉप्टर तैनात कर महज छह-सात लोगों को निकाला। यह राहत कार्य नहीं बल्कि एक पब्लिसिटी स्टंट है।”

उन्होंने दावा किया कि अवैध रेत खनन के कारण गंजम और गजपति में कई तटबंध पहले से कमजोर थे, जिससे बाढ़ की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। सरकार को जलाशय प्रबंधन और जल निकासी पर प्राथमिकता देनी चाहिए थी।

बीजेडी नेता प्रताप जेना ने कहा कि कई प्रभावित परिवारों तक अभी भी राहत नहीं पहुंची है। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के तत्काल बचाव कार्य, पका हुआ भोजन, पीने का पानी और आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराने की मांग की। आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में अपनी टीमें भेजने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए विपक्षी दल सक्रिय हो गए हैं:

विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने गंजम के जिलाधिकारी वी. कीर्ति वासन से फोन पर बात कर हिंजिली और शेरागाडा क्षेत्रों का हाल जाना। इसके बाद उन्होंने प्रमिला मलिक के नेतृत्व में एक बीजेडी प्रतिनिधिमंडल को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। प्रताप जेना ने चेतावनी दी कि यदि उपेक्षा जारी रही तो पार्टी लोकतांत्रिक आंदोलन तेज करेगी।

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गंजम बाढ़ के लिए नुकसान का तत्काल आकलन, प्रभावितों को मुआवजा और जवाबदेही तय करने की मांग की है। सीपीआई राज्य परिषद ने इस बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करते हुए केंद्र सरकार से विशेष सहायता पैकेज की मांग की है। वहीं सीपीआई(एम) का एक प्रतिनिधिमंडल भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा।

विपक्ष के सभी आरोपो को खारिज करते हुए परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन सभी संभव सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि रात-दिन काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की आलोचना करना बिल्कुल अनुचित है।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को आए चक्रवात ‘अर्नब’ ने गंजम में सबसे अधिक तबाही मचाई है, जबकि गजपति और कंधमाल जिले भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

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