उज्जैन/भोपाल। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद को लेकर हंगामा शुरू हो गया। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने को लेकर सोमवार को विरोध-प्रदर्शन और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। इसे देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं इस पर सियासत भी शुरू हो गई है।
आरिफ मसूद ने दी ये प्रतिक्रिया
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि लाठीचार्ज और आंसू गैस प्रशासन को नहीं चलाना था। आरिफ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि शांति और धैर्य बनाकर रखें। प्रशासन से बातचीत का दौर जारी है। मुस्लिम समाज मस्जिद का मीनारा नहीं हटाना चाहता है। आरिफ ने आगे कहा कि 3 फीट के लगभग जगह देने के लिए मुस्लिम समाज तैयार है। आजादी के पहले से वहां पर मस्जिद मौजूद है। वहीं हनुमान मंदिर नहीं हटाने को लेकर आरिफ मसूद ने कहा कि प्रशासन को इस तरीके से तैयारी करनी थी जिससे मंदिर, मस्जिद दोनों ना हटाना पड़े।
मुस्लिम त्योहार कमेटी बोली- मुसलमान को टारगेट करना समस्या का हल नहीं
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष शमशुल हसन ने कहा कि मस्जिद ही क्यों मदरसे क्यों और भी कई रास्ते हैं। क्या वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था नहीं की जा सकती है। मस्जिद मदरसे और दरगाहों को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है। मुसलमान को टारगेट करना समस्या का हल नहीं है। उज्जैन में पहले भी कुंभ हुए, हमने भी सेवा की है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार गलत दिशा में जा रही है। आंसू गैस के गोले और पुलिस की बुलेट समस्या का हल नहीं है। उज्जैन की मुस्लिम आवाम जो प्रदर्शन कर रही है उन्हें शुक्रिया अदा…मुसलमान के कंधे और लाशों पर रखकर सियासत नहीं करनी चाहिए। मुसलमानों से और कितनी कुर्बानियां ली जाएगी।
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त्योहार कमेटी मुस्लिम विधायकों के बयान से नाराज
भोपाल के मुस्लिम विधायकों के बयान से मुस्लिम त्योहार कमेटी नाराज है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का बिना नाम लिए कहा कि भोपाल मुस्लिम विधायक सरकार के तलवे चाट रहे है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तश्तरी करने वाले ऐसे सियासतदार पर थू है। ये विधायक मुस्लिम आवाम के कंधों पर पैर रख रहे है। मुसलमानों से दरखास्त है कि उलेमाओं पर एतराम रख, ऐसे विधायकों पर नहीं। ये कहते कुछ है और करते कुछ है।
बीजेपी ने कहा- सीएम ने भी अपना घर तुड़वाया
बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि आरिफ मसूद और मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष इन दोनों को अपना बयान देने से पहले उन्हें उज्जैन शहर काजी के बयान को सुनना चाहिए। यह धार्मिक मामला नहीं, प्रशासनिक मामला है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी अपने घर को तुड़वाया। उज्जैन सिंहस्थ हम सबकी जिम्मेदारी है, यहां हिंदू मुस्लिम जैसी बातों का काम नहीं है।सड़क चौड़ीकरण से सभी लाभान्वित होंगे, सैक्रिफाइस भी करना होगा। अन्य स्थान पर विस्थापन या मुआवजा पर भी सरकार विचार कर सकती है।
उज्जैन कलेक्टर ने कही ये बात
उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि “सिंहस्थ 2028” और मास्टर प्लान के अंतर्गत विभिन्न मार्गो के चौड़ीकरण में प्रभावित धार्मिक स्थलों को हटाने का कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को भी हटाया जाना है। शाही मस्जिद कमेटी और शहर काज़ी के साथ जिला प्रशासन की सकारात्मक चर्चा के बाद मुस्लिम समाजजनों ने अपने हाथ से खुद मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाना शुरू कर दिया है। जिसमें सभी लोग सहयोग कर रहे है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक दिन पूर्व खजूर वाली मस्जिद से गणेश कर चौक तक होने वाले चौड़ीकरण के दौरान अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर एक संदेश दिया था।
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डीजी EOW का दौरा, 10 आरोपी गिरफ्तार
वहीं डीजी ईओडब्ल्यू उपेंद्र जैन उज्जैन पहुंचे। वे प्रभावित इलाकों का दौरा किया। डीजी EOW के साथ उज्जैन आईजी राकेश गुप्ता, उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह, उज्जैन कलेक्टर सहित अधिकारी मौजूद है। जिन गलियों से पत्थर की शुरुआत हुई थी, उन गलियों के अंदर डीजी EOW ने निरीक्षण किया है। गौरतलब है कि उज्जैन की शाही मस्जिद तोड़ने के दौरान कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की थी। पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर भी शामिल है। कुछ आरोपी उज्जैन से बाहर के बताए जा रहे है।
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