उत्तर प्रदेश की प्राची पांडे ने जापान के टोक्यो में आयोजित पैरा एशियन चैंपियनशिप 2026 में महिला सिंगल्स क्लास 6 पैरा टेबल टेनिस स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया. मूल रूप से उन्नाव की रहने वाली प्राची इससे पहले मार्च 2025 में स्पेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भी कांस्य पदक जीत चुकी हैं.
कानपुर. उत्तर प्रदेश की पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची पांडे ने जापान के टोक्यो में आयोजित पैरा एशियन चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीता है. उन्होंने महिला सिंगल्स क्लास 6 स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की. सेमीफाइनल में प्राची को इराक की अल-दयेनी नजला के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा.
सेमीफाइनल में मिली हार
सेमीफाइनल मुकाबले में इराक की खिलाड़ी ने प्राची को 11-9, 11-2 और 11-8 से हराया. इस हार के बावजूद प्राची ने प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम किया.
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के जुरखन खेड़ा की रहने वाली प्राची की इस उपलब्धि को प्रदेश के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे पहले उन्होंने मार्च 2025 में स्पेन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भी कांस्य पदक जीता था.
उन्नाव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
प्राची के शुरुआती कोच अमरेश कुमार ने उन्हें खेल की बारीकियां सिखाईं. उनके मुताबिक, प्राची नियमित रूप से सैडो शॉट का अभ्यास करती रही हैं. शुरुआती दौर में वह प्रतिदिन एक हजार सैडो शॉट का अभ्यास करती थीं, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब उनका अभ्यास प्रतिदिन तीन हजार सैडो शॉट तक पहुंच गया है.
प्राची की खेल यात्रा शारीरिक चुनौतियों के बावजूद निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के महत्व को सामने रखती है. उनकी उपलब्धि पैरा खेलों में आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है.
पुलिस विभाग में हैं पिता
प्राची के पिता शिवांकर पांडेय पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां सरोज गृहिणी हैं. उनके छोटे भाई अमन ने आईआईटी कानपुर से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी शुरू की. उनके दूसरे भाई रजनीकांत वकालत के पेशे से जुड़े हैं.
प्राची ने शुरुआती प्रशिक्षण अमरेश कुमार से लिया था. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतकर उन्होंने पैरा टेबल टेनिस में अपनी पहचान मजबूत की है.

