अजय कुमार शास्त्री, बेगूसराय। जनसुराज के सूत्रधार एवं बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर आज बुधवार (4, नवंबर) को बेगूसराय पहुंचे, जहां वे आयोजित जनसुराज कार्यकर्ता कार्यशाला कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीके ने पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मधुबनी की घटना, बेगूसराय के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और भाजपा में बागी सदस्यों के शामिल होने के मुद्दे पर जमकर निशाना साधा।
सीएम सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, अगर बिहार में सातवां फेल व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा तो वह अपराध को अपराध नहीं, बल्कि क्राइम बताने जैसी नई परिभाषा ही देगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिसे खुद शिक्षा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है, उससे बिहार के बच्चों के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर कितनी उम्मीद की जा सकती है।
दरअसल कल दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा था कि, हमारे यहां कोई अपराध नहीं है। अपराध का कॉन्सेप्ट ही खत्म हो चुका है। क्राइम हो सकते हैं, लेकिन अपराध नहीं है, कोई अपराधी नहीं है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर पीके की प्रतिक्रिया सामने आई है।
मधुबनी मामले में ASI पर कार्रवाई की मांग
मधुबनी में एएसआई से जुड़ी घटना पर भी प्रशांत किशोर ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, जनसुराज की टीम पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और स्थानीय स्तर पर फीडबैक लिया जा रहा है। जनसुराज फिलहाल कानूनी कार्रवाई का इंतजार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आरोपी एएसआई के खिलाफ उचित कार्रवाई और गिरफ्तारी नहीं होती है तो जनसुराज इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। कानून के रखवालों पर ही आरोप लगने की स्थिति में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
गिरिराज सिंह से जनता मांगेगी हिसाब
बेगूसराय के वीरपुर प्रखंड के पादरा इलाके में जर्जर सड़क को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा सांसद गिरिराज सिंह, विधायक कुंदन सिंह और बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री के नाम पर गड्ढों को प्रतीकात्मक कुंड का नाम देने वाला वीडियो भी चर्चा में रहा है। इस मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने कहा कि, बेगूसराय की जनता ने गिरिराज सिंह को केवल सांसद ही नहीं बनाया, बल्कि उन्हें केंद्रीय मंत्री बनने का अवसर भी दिया है। ऐसे में जनता उनसे विकास कार्यों का हिसाब मांगेगी तो इसमें गलत क्या है? उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि जनता के सवालों पर नाराज होते हैं तो जनता भी चुनाव में अपना जवाब देने के लिए स्वतंत्र है। पंचायत स्तर के चुनाव में भी जनता ऐसे जनप्रतिनिधियों को सबक सिखा सकती है।
निदर्लीय एमएलसी के भाजपा में शामिल होने पर कही ये बात
भाजपा में बागी सदस्यों के शामिल होने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने दो टूक कहा कि संविधान इस तरह की प्रक्रिया की इजाजत नहीं देता। उन्होंने बताया कि इस मामले में विधान परिषद के सभापति के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। यदि निर्णय संतोषजनक नहीं हुआ तो जनसुराज माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगी। गौरतलब है कि एमएलसी चुनाव के बाद दो निर्दलीय सदस्यों ने तुरंत ही भाजपा की सदस्यता ले ली, जिसे लेकर जनसुराज ने कार्रवाई की मांग की है।
कुल मिलाकर बेगूसराय में प्रशांत किशोर का यह दौरा केवल संगठनात्मक कार्यशाला तक सीमित नहीं रहा। मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और प्रशासनिक व्यवस्था तक पर उनके हमलों ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि उनके इन बयानों पर सत्ताधारी दल और संबंधित जनप्रतिनिधियों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
ये भी पढ़ें- ‘राहुल गांधी के पास है थेथरोलॉजी की डिग्री’, पूर्णिया में कांग्रेस नेता पर जमकर बरसे दिलीप जायसवाल

