उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को किराए के एक कमरे से तीन मूक-बधिर लोगों के शव बरामद किए गए। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के अनुसार आपस में हुए हिंसक विवाद के दौरान एक-दूसरे पर नुकीली वस्तु से वार करने के कारण तीनों की जान गई है।

प्रयागराज। शाहगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़ी कला मोहल्ले में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किराए के कमरे से तीन लोगों के शव संदिग्ध अवस्था में बरामद हुए। मृतकों में एक पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, जो बोलने और सुनने में असमर्थ (मूक-बधिर) थीं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

दरवाजा न खुलने पर खुलासा

मकान मालकिन सुशीला देवी के घर में यह परिवार पिछले कुछ महीनों से किराए पर रह रहा था। मंगलवार की सुबह काफी समय बीत जाने के बाद भी जब कमरे में कोई हलचल नहीं हुई और दरवाजा बंद रहा, तो मकान मालकिन ने भीतर झांककर देखा। अंदर तीनों लोगों के शव पड़े हुए थे। मकान मालकिन ने तुरंत इस घटना की सूचना शाहगंज थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

कचरा बीनने का करते थे काम

स्थानीय निवासियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि कमरे में पति-पत्नी के साथ एक अन्य महिला रहती थी। तीनों ही व्यक्ति मूक-बधिर थे और सड़कों से कबाड़ व कचरा बीनकर अपनी आजीविका चलाते थे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

आपसी खूनी संघर्ष की आशंका

एसीपी रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि शुरुआती तफ्तीश के आधार पर घटना के पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की रंजिश या लूटपाट के संकेत नहीं मिले हैं। सुबह के समय तीनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो हिंसक झगड़े में बदल गई। इसके बाद एक-दूसरे पर नुकीली चीजों से वार किए गए, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों के शरीर पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं।

फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम

घटनास्थल से फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के सटीक कारणों और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।