पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा दिया है। राजद (RJD) और जदयू (JDU) के बाद अब सबकी निगाहें प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ पर टिक गई हैं। इस चुनाव को जन सुराज के पहले बड़े राजनीतिक इम्तिहान के रूप में देखा जा रहा है।
राजद और जदयू की चुनावी तैयारियां
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आठ में से छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक से दिलीप कुमार और कोसी स्नातक से नितेश कुमार को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा दरभंगा स्नातक से अनिल कुमार झा, सारण शिक्षक से प्रो. जयराम यादव और तिरहुत स्नातक से डॉ. रश्मि विनायक गौतम को टिकट मिला है, जबकि तिरहुत और दरभंगा शिक्षक सीटों पर पत्ते अभी नहीं खुले हैं।
दूसरी ओर, जदयू (JDU) ने भी चार सीटों पर अपने संभावित उम्मीदवार लगभग तय कर लिए हैं। चर्चा के मुताबिक, पटना स्नातक से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा, सारण शिक्षक से पुष्कर आनंद और दरभंगा शिक्षक से दिलीप चौधरी को उतारा जा सकता है। हालांकि, इनकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।
पटना स्नातक सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे हॉट सीट बन गया है। यहां राजद के दिलीप कुमार और जदयू के संभावित उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच सीधी टक्कर के आसार थे, लेकिन जन सुराज की एंट्री ने इसे त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है।
20 सितंबर को जन सुराज खोलेगा पत्ते
इस चुनाव का सबसे बड़ा रोमांच जन सुराज के उम्मीदवारों का ऐलान है। पार्टी ने 20 सितंबर को सभी संबंधित सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित करने का फैसला किया है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखने वाले चेहरों को उतारकर पार्टी अपने राजनीतिक प्रभाव का विस्तार करने की फिराक में है।



