दिल्ली की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार राजधानी में गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की तैयारी में जुटी है। जानकारी के मुताबिक, ‘महिला समृद्धि योजना’((Mahila Samriddhi Yojna) के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के लिए जून महीने से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सरकार फिलहाल योजना के अंतिम स्वरूप, पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया को लेकर तैयारियों में जुटी हुई है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने वाली इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल तैयार कर लिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह पोर्टल जून के पहले सप्ताह से काम करना शुरू कर देगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस योजना को जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रही है। बताया जा रहा है कि पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। ‘महिला समृद्धि योजना’ 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल रही थी। पार्टी ने आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सहायता देने का वादा किया था। अब सरकार इस वादे को धरातल पर उतारने की तैयारी में जुटी हुई है।

सरकार नए नाम से योजना कर सकती है लॉन्च

सूत्रों के मुताबिक, ‘महिला समृद्धि योजना’ को नए नाम ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत लागू किए जाने की तैयारी चल रही है। इस योजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की करीब 17 लाख महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मार्च में 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करते हुए इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इससे पहले पिछले वित्तीय वर्ष में भी सरकार ने योजना के लिए इतनी ही राशि आवंटित की थी, लेकिन पात्र महिला लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन के लिए पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे लागू करने में देरी हुई।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, योजना के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल तैयार कर लिया गया है और इसे जून के पहले सप्ताह से शुरू किया जा सकता है। पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। रेखा गुप्ता ने कई बार कहा है कि सरकार इस योजना को पूरी तैयारी और मजबूत व्यवस्था के साथ लागू करेगी, ताकि इसका लाभ सही और जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंच सके। सरकार फिलहाल लाभार्थियों के सत्यापन, पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।

योजना शुरू करने के लिए मार्च में बनाई थी कमेटी

बताया जा रहा है कि इस योजना को महिला एवं बाल विकास विभाग लागू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं मुख्यमंत्री के पास है। सरकार योजना के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत तैयारी कर रही है, ताकि लाभ सही पात्र महिलाओं तक पहुंच सके। अधिकारियों के अनुसार, योजना के लिए पात्रता मानदंड भी तय कर लिए गए हैं। इसके तहत केवल उन्हीं महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा, जिनके पास दिल्ली का आधार नंबर होगा और जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में आती होंगी।

सूत्रों ने बताया कि योजना के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल तैयार कर लिया गया है और इसे जून के पहले सप्ताह से शुरू किया जा सकता है। पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। सरकार ने मार्च में पेश किए गए 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इससे पहले भी पिछले वित्तीय वर्ष में इतनी ही राशि आवंटित की गई थी, लेकिन लाभार्थियों के सत्यापन और सही डेटा की कमी के कारण योजना लागू नहीं हो सकी थी।

दिल्ली के बजट महिलाओं के लिए इस बार क्या-क्या था खास

दिल्ली सरकार महिलाओं और बेटियों के लिए कई बड़ी कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की तैयारी में है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 7,406 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार की प्रस्तावित ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस योजना का लाभ करीब 17 लाख महिलाओं को मिल सकता है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी तैयार किया जा चुका है और जून के पहले सप्ताह से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

अधिकारियों के अनुसार, योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलेगा जिनके पास दिल्ली का आधार नंबर होगा और जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी में आती होंगी। योजना को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई गई है। बजट में महिलाओं और छात्राओं के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गई हैं। सरकार ने 1,000 महिलाओं को ई-ऑटो परमिट देने और 100 ट्रांसजेंडर लोगों को ‘दुर्गा’ योजना के तहत नए ई-तिपहिया परमिट उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके अलावा 1.30 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की योजना बनाई गई है, जबकि महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने के लिए ‘रानी हाट’ स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का भी प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत बेटियों के खातों में जन्म से लेकर स्नातक तक कुल 61,000 रुपये जमा किए जाएंगे, जो अवधि पूरी होने पर बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो जाएंगे। इसके लिए 128 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीटीसी बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय की मुफ्त यात्रा के लिए 450 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, राजधानी में 50,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। घरेलू हिंसा और अन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए 16 करोड़ रुपये की लागत से 11 नए ‘वन स्टॉप सेंटर’ यानी सखी केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर अधिक सशक्त बनाना है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m